छत्तीसगढ़

पोरा तिहार हमारे छत्तीसगढ़ की संस्कृति की पहचान : योगेश्वर राजू सिन्हा

महासमुंद। आज पूरे प्रदेश में पोरा तिहार हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। महासमुंद विधायक योगेश्वर राजू सिन्हा ने भी सपत्नीक अपने कार्यालय में पूजा अर्चना कर सभी को पर्व की शुभकामनाएं दी। साथ ही भाजपा नेताओं एवं कार्यकर्ताओं ने भी उन्हें बधाई एवं शुभकामनाएं दी। इससे पहले पोरा तिहार के अवसर पर विधायक श्री सिन्हा ने स्थानीय बाजार में खरीदारी भी की। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि, पोरा तिहार के दिन कृषि के लिए उपयोग होने वाले पशु अर्थात बैलों की पूजा की, जाती है। पर्व मनाने के पीछे यह भी मान्यता है कि धान फसल का गर्भ धारण होता है, इसलिए यह पर्व मनाया जाता है। प्रत्येक वर्ष यह पर्व भाद्रपद माह के अमावस्या को मनाया जाता है। वैसे तो यह पर्व पूरे प्रदेश का है, पर किसान भाइयों के लिए यह खास होता है। फसलों के बढ़ने की, खुशी में किसानों भाइयों द्वारा बैलों की, पूजन कर यह पर्व मनाया जाता है। गांव के किसान भाई सुबह से ही बैलों को नहला-धुलाकर सजाते हैं, फिर हर घर में उनकी विधि-विधान से पूजा-अर्चना की, जाती है। इसके बाद घरों में बने छत्तीसगढ़ी व्यंजन भी बैलों को खिलाए जाते हैं। कई गांवों में इस अवसर पर बैल दौड़ का भी आयोजन किया जाता है। शहरों में प्रतीक के तौर पर मिट्टी के बैलों की, पूजा कर अपने परंपरा का निर्वहन करते हैं। हमारी संस्कृति को सुदृढ़ करने में तीज त्योहारों का विशेष महत्व होता है। यह हमें अपनी मूल संस्कृति से जोड़े रखती है।

यह रहे उपस्थित
इस अवसर पर नगर पालिका उपाध्यक्ष देवीचंद राठी, भाजपा के वरिष्ठ नेतागण मुन्ना साहू, हरवंश सिंह (नानू भाई), संदीप घोष, राधेश्याम साहू, पार्वती साहू, पीयूष साहू, सुरेश कुमार साहू, दिनेश रूपरेला, गुड्डा सिन्हा सहित अन्य उपस्थित थें।

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