खेत बचाओ अभियान के तहत किसानों को प्राकृतिक खेती, मृदा स्वास्थ्य और संतुलित उर्वरक उपयोग के प्रति किया गया जागरूक

महासमुंद । किसानों को रासायनिक उर्वरकों के सीमित एवं संतुलित उपयोग के प्रति जागरूक करने तथा प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहित करने महासमुंद जिले में खेत बचाओ अभियान के तहत आज पांच स्थानों पर कृषक चौपाल एवं कृषक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। जिले के विकासखंड महासमुंद के पिटियाझर, बागबाहरा के खल्लारी, बसना के अकोरी, पिथौरा के किशनपुर तथा सरायपाली के केना ग्राम पंचायत एवं सहकारी समितियों में आयोजित इन कार्यक्रमों में किसानों को मृदा स्वास्थ्य संरक्षण और टिकाऊ कृषि पद्धतियों की, जानकारी दी गई।
कृषि विभाग द्वारा 22 अक्टूबर से 30 नवंबर 2026 तक देशव्यापी खेत बचाओ अभियान संचालित किया जा रहा है। अभियान का उद्देश्य रासायनिक उर्वरकों के अंधाधुंध एवं असंतुलित उपयोग को कम करना, मिट्टी की, प्राकृतिक उर्वरता को बनाए रखना तथा प्राकृतिक एवं जैविक खेती के प्रति किसानों और आम नागरिकों में जागरूकता बढ़ाना है।
कृषक चैपाल एवं संगोष्ठियों में कृषि विशेषज्ञों ने बताया कि, रासायनिक उर्वरकों के असंतुलित उपयोग से मृदा स्वास्थ्य और जमीन की, प्राकृतिक उपजाऊ क्षमता पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। कृषि की, दीर्घकालिक उत्पादकता बनाए रखने के लिए मिट्टी की, सेहत को प्राथमिकता देना आवश्यक है। इस दिशा में प्राकृतिक खेती एवं जैविक खेती टिकाऊ और आर्थिक रूप से व्यवहार्य विकल्प के रूप में महत्वपूर्ण हैं। किसानों को पारंपरिक कृषि ज्ञान के साथ वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाने के लिए प्रेरित किया गया। कार्यक्रमों के दौरान किसानों को हरी खाद, नील-हरित काई, जैव उर्वरक, जैविक खाद तथा सूक्ष्म पोषक तत्वों के उपयोग की, जानकारी दी गई। साथ ही यूरिया एवं डीएपी पर निर्भरता कम करने के लिए एनपीके, एसएसपी, नैनो यूरिया और नैनो डीएपी जैसे उर्वरकों के उचित उपयोग के संबंध में जागरूक किया गया। किसानों को बताया गया कि उर्वरकों का चयन एवं उपयोग मिट्टी की, आवश्यकता और मृदा स्वास्थ्य कार्ड में दी गई अनुशंसाओं के अनुरूप किया जाना चाहिए।
कृषि उप संचालक एफ.आर. कश्यप ने बताया कि 23 अक्टूबर को महासमंुद विकासखण्ड अंतर्गत ग्राम झालखम्हरिया, कनेकेरा, बागबाहरा अंतर्गत सिर्रीपठारीमुड़ा, सुखरीडबरी, पिथौरा अंतर्गत ग्राम अमलीडीह, कुम्हारीमुड़ा, बसना अंतर्गत ग्राम चनाट, बड़ेढाबा एवं सरायपाली अंतर्गत ग्राम कोटद्वारी एवं तोषगांव में कृषक चैपाल एवं कृषक संगोष्ठी का आयोजन किया जाएगा।



