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अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर छत्तीसगढ़ में उमड़ा जनसैलाब, हर जिले में हुआ सामूहिक योगाभ्यास, “एक पृथ्वी, एक स्वास्थ्य” थीम पर आयोजित हुआ 11वां अंतरराष्ट्रीय योग दिवस

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर आज 11वां अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पूरे छत्तीसगढ़ में उत्साह और उमंग के साथ मनाया गया। राज्य के सभी जिलों और विकासखंडों में सामूहिक योगाभ्यास का आयोजन किया गया, जिसमें जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, कर्मचारियों, विद्यार्थियों और आम नागरिकों ने बड़े उत्साह से भाग लिया।

इस वर्ष योग दिवस की थीम “एक पृथ्वी, एक स्वास्थ्य” रही, जो पर्यावरण संरक्षण और मानसिक-शारीरिक स्वास्थ्य की एकता को दर्शाती है।

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सरगुजा जिले में भव्य आयोजन

सरगुजा जिले के अम्बिकापुर में राजमोहिनी देवी भवन में जिला स्तरीय योग शिविर का आयोजन किया गया। इस अवसर पर सांसद श्री चिंतामणि महाराज, लुण्ड्रा विधायक श्री प्रबोध मिंज, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती निरूपा सिंह, महापौर श्रीमती मंजूषा भगत सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, अधिकारी और नागरिक उपस्थित रहे।

योगाचार्य श्री अजय तिवारी एवं श्री कमलेश सोनी द्वारा ताड़ासन, अर्धचक्रासन, वज्रासन, शलभासन, भ्रामरी, कपालभाति, ध्यान आदि योग मुद्राओं का अभ्यास कराया गया।

सांसद श्री चिंतामणि महाराज ने योग दिवस की बधाई देते हुए कहा, “योग केवल व्यायाम नहीं, जीवन को जोड़ने वाली साधना है। यह तन और मन दोनों को स्वस्थ रखता है। योग से मिलती है आंतरिक ऊर्जा और सकारात्मक दृष्टिकोण। मुस्कान के साथ अपने लक्ष्य को प्राप्त करें।” उन्होंने प्रतिभागियों को योग को जीवन में अपनाने का संकल्प भी दिलाया।

लूण्ड्रा विधायक श्री प्रबोध मिंज ने कहा, “भारत की प्राचीन योग परंपरा आज पूरे विश्व को स्वास्थ्य और संतुलन का मार्ग दिखा रही है। दैनिक जीवन की भागदौड़ में योग मानसिक और शारीरिक सशक्तिकरण का प्रभावी माध्यम है।”

हरित योग का संदेश: पौधारोपण भी हुआ

कार्यक्रम के अंत में “एक पेड़ मां के नाम 2.0” अभियान के तहत सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों द्वारा पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण और योग के एकात्म विचार को जनसंदेश के रूप में प्रस्तुत किया गया।

योग दिवस के आयोजन ने राज्य भर में “स्वस्थ छत्तीसगढ़ – संयमित जीवनशैली” की ओर एक मजबूत कदम बढ़ाया है। जनप्रतिनिधियों के नेतृत्व में “हरित योग” और “एक पृथ्वी, एक स्वास्थ्य” जैसे संदेशों ने नागरिकों को स्वस्थ जीवनशैली और पर्यावरण-संवेदनशीलता के प्रति जागरूक किया।

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