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बस्तर 2.0: नक्सलवाद के खात्मे के बाद अब विकास की बारी, सीएम साय ने पीएम मोदी को सौंपा ‘बस्तर मुन्ने’ ब्लूप्रिंट

​नई दिल्ली/रायपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। इस मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री ने बस्तर की बदलती तस्वीर का विस्तृत ‘विकास ब्लूप्रिंट’ प्रधानमंत्री को सौंपा और उन्हें मानसून के बाद बस्तर प्रवास के लिए आमंत्रित किया।
​मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि बस्तर अब नक्सलवाद के साये से बाहर निकल चुका है और राज्य सरकार अब ‘बस्तर मुन्ने’ (अग्रणी बस्तर) कार्यक्रम के जरिए इस क्षेत्र को विकास के वैश्विक मानचित्र पर लाने के लिए तैयार है।

विकास का पंचसूत्र: ‘SCEEE’ रणनीति
​मुख्यमंत्री साय ने बताया कि बस्तर का नया ढांचा ‘सैचुरेशन, कनेक्ट, फैसिलिटेट, एम्पावर और एंगेज’ की रणनीति पर टिका है। सरकार का लक्ष्य 2029 तक बस्तर के परिवारों की आय को दोगुना (15,000 रुपये से बढ़ाकर 30,000 रुपये) करना है।

बुनियादी ढांचा और कनेक्टिविटी
​सड़क एवं पुल: 2027 तक पीएम ग्राम सड़क योजना के सभी अधूरे कार्य पूरे होंगे। योजना में 228 नई सड़कें और 267 पुलों का निर्माण शामिल है।
​रेल और हवाई सेवा: प्रधानमंत्री के दौरे के दौरान रावघाट-जगदलपुर रेल लाइन और जगदलपुर एयरपोर्ट के विस्तार जैसी महत्वपूर्ण परियोजनाओं की आधारशिला रखी जाएगी।
​बिजली: हर घर तक बिजली पहुँचाने के लिए ‘विशेष केंद्रीय सहायता’ के तहत 61 नई परियोजनाओं की मांग की गई है।

शिक्षा और स्वास्थ्य में बड़ा निवेश
​एजुकेशन सिटी: जगरगुंडा और ओरछा में नई ‘एजुकेशन सिटी’ का निर्माण होगा। साथ ही 45 पोटा केबिन स्कूलों को स्थाई भवनों में बदला जाएगा।
​सुपर स्पेशलिटी अस्पताल: दंतेवाड़ा में नया मेडिकल कॉलेज और जगदलपुर में सुपर स्पेशलिटी अस्पताल स्वास्थ्य सेवाओं को नई ऊंचाई देंगे।
​युवा शक्ति: युवाओं के लिए 15 नए स्टेडियम बनाए जा रहे हैं। 2030 तक 5,000 स्टार्टअप्स तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है।

कृषि और सिंचाई: इंद्रावती पर बड़े प्रोजेक्ट
​बस्तर की कृषि अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए इंद्रावती नदी पर देउरगांव और मटनार प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दी गई है। इससे 31,840 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी, जो किसानों के लिए टर्निंग पॉइंट साबित होगी।

ग्लोबल टूरिज्म हब बनेगा बस्तर
​बस्तर की प्राकृतिक सुंदरता को अब दुनिया देखेगी। सरकार यहाँ निम्नलिखित प्रोजेक्ट्स पर काम कर रही है:
​कैनोपी वॉक और ग्लास ब्रिज (चित्रकोट और तीरथगढ़ के पास)।
​एडवेंचर टूरिज्म और कांगेर घाटी नेशनल पार्क का विकास।
​बस्तर ओलंपिक और बस्तर पंडुम जैसे आयोजनों से स्थानीय संस्कृति को बढ़ावा।

‘बस्तर मुन्ने’ और ‘नियद नेल्ला नार 2.0’
​मुख्यमंत्री ने बताया कि ‘बस्तर मुन्ने’ कार्यक्रम के तहत हर ग्राम पंचायत में शिविर लगाकर मौके पर ही सरकारी योजनाओं का लाभ और दस्तावेज प्रदान किए जाएंगे। वहीं, ‘नियद नेल्ला नार’ योजना का विस्तार अब 10 जिलों तक कर दिया गया है, जिसमें गरियाबंद और मोहला-मानपुर जैसे नए जिले भी शामिल हैं।

​मुख्यमंत्री- “प्रधानमंत्री मोदी ने एक दशक पहले जो शांति और विकास का सपना बस्तर के लिए देखा था, वह अब साकार हो रहा है। अब बस्तर में डर नहीं, बल्कि विकास की नई चमक है।”

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