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पूर्व राज्यमंत्री पूनम चंद्राकर बने NLC India Limited के स्वतंत्र निदेशक, केंद्र सरकार ने सौंपी बड़ी जिम्मेदारी

​रायपुर। ​छत्तीसगढ़ के वरिष्ठ भाजपा नेता और पूर्व राज्यमंत्री पूनम चंद्राकर को केंद्र सरकार ने एक बड़ी राष्ट्रीय जिम्मेदारी सौंपी है। भारत सरकार के कोयला मंत्रालय के प्रशासनिक नियंत्रण में काम करने वाली देश की प्रमुख नवरत्न कंपनियों में से एक, एनएलसी इंडिया लिमिटेड (NLC India Limited) के निदेशक मंडल (Board of Directors) में उन्हें स्वतंत्र निदेशक (Non-Official Independent Director) नियुक्त किया गया है।
​कोयला मंत्रालय द्वारा जारी आदेश के बाद इस नियुक्ति की आधिकारिक घोषणा की गई है। इस नियुक्ति से न केवल पूनम चंद्राकर के कद में बढ़ोत्तरी हुई है, बल्कि छत्तीसगढ़ को भी राष्ट्रीय स्तर के एक बड़े सार्वजनिक उपक्रम के नीति-निर्धारण में सीधा प्रतिनिधित्व मिला है। ​एक स्वतंत्र निदेशक के रूप में पूनम चंद्राकर का मुख्य काम, कंपनी के कामकाज में पारदर्शिता, जवाबदेही और कॉर्पोरेट गवर्नेंस (कॉर्पोरेट प्रशासन) को मजबूत करना होगा। एनएलसी इंडिया के रणनीतिक निर्णयों, भविष्य की योजनाओं और जनहित से जुड़े फैसलों में उनके लंबे राजनीतिक व सामाजिक अनुभव का लाभ कंपनी को मिलेगा। ​पूनम चंद्राकर छत्तीसगढ़ भाजपा के बेहद लोकप्रिय, जमीन से जुड़े और अनुभवी नेताओं में गिने जाते हैं। वे पूर्व में छत्तीसगढ़ शासन में राज्यमंत्री (दर्जा प्राप्त) के रूप में अपनी सेवाएं दे चुके हैं। इसके अलावा वे महासमुंद क्षेत्र और प्रदेश स्तर पर संगठन में विभिन्न अहम पदों पर सक्रिय रहे हैं। ​उनकी इस नियुक्ति की खबर आते ही छत्तीसगढ़ के राजनीतिक हलकों और कार्यकर्ताओं में खुशी की लहर दौड़ गई है। सोशल मीडिया से लेकर व्यक्तिगत रूप से उन्हें बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है। समर्थकों का मानना है कि, उनकी यह नियुक्ति उनकी निष्ठा और संगठनात्मक कौशल का परिणाम है।

छत्तीसगढ़ के महासमुंद क्षेत्र के प्रमुख राजनीतिज्ञ और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता पूनम चंद्राकर का राजनीतिक और व्यक्तिगत जीवन काफी प्रभावशाली रहा है। वे महासमुंद विधानसभा क्षेत्र से विधायक और छत्तीसगढ़ शासन में राज्यमंत्री व संसदीय सचिव की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। उनका राजनीतिक सफरनामा(Political Journey): ​पूनम चंद्राकर ने अपने छात्र जीवन से ही राजनीति में सक्रिय भूमिका निभानी शुरू कर दी थी। उन्होंने जमीनी स्तर से लेकर प्रदेश स्तर के संगठनों में विभिन्न दायित्वों का निर्वहन किया है। उनके राजनीतिक विकास क्रम को इस टाइमलाइन के जरिए आसानी से समझा जा सकता है।

छात्र राजनीति की शुरुआत(1980-1984): अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP), रायपुर (दक्षिण क्षेत्र) के सदस्य के रूप में छात्र राजनीति की शुरुआत की।

युवा मोर्चा में सक्रियता(1989-1998): भारतीय जनता युवा मोर्चा (BJYM) जिला रायपुर (ग्रामीण) के सदस्य, उपाध्यक्ष और बाद में जिलाध्यक्ष के रूप में कार्य किया।

स्थानीय निकाय में नेतृत्व(1994-1999):
महासमुंद नगर पालिका परिषद में ‘नेता प्रतिपक्ष’ के रूप में अपनी आवाज बुलंद की और स्थानीय मुद्दों को उठाया।

संगठन में प्रांतीय जिम्मेदारी(1998-2002):
मध्य प्रदेश विभाजन के दौरान भाजयुमो की प्रदेश कार्यसमिति के सदस्य रहे और बाद में नवगठित छत्तीसगढ़ राज्य में भाजयुमो के प्रदेश कोषाध्यक्ष बने।

जिलाध्यक्ष और पहली बार विधायकी(2003): महासमुंद जिला भाजपा के अध्यक्ष बने। इसी वर्ष हुए छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव में महासमुंद सीट से पहली बार विधायक (MLA) निर्वाचित हुए।

राज्यमंत्री और संसदीय सचिव(2004):
छत्तीसगढ़ शासन में राज्यमंत्री (मुख्यमंत्री से संबद्ध) नियुक्त किए गए। इस दौरान उन्होंने सामान्य प्रशासन विभाग (GAD), ऊर्जा, खनिज और जनसंपर्क विभाग जैसे महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी संभाली। इसके साथ ही वे संसदीय सचिव भी रहे।

सामाजिक और अन्य गतिविधियां
​सामाजिक जुड़ाव: वे सामाजिक कार्यों में काफी सक्रिय रहे हैं। वे ‘गौरव गरिमा शिक्षण समिति’ (महासमुंद) के उपाध्यक्ष और ‘चन्द्रनाहू कुर्मी समाज शिक्षण समिति’ (रायपुर राज) के आजीवन सदस्य हैं।

​खेल और अन्य संगठन: खेल गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए वे जिला क्रिकेट संघ, महासमुंद के अध्यक्ष भी रहे। इसके अलावा स्काउट गाइड (महासमुंद) के अध्यक्ष और लायंस क्लब रेडक्रॉस सोसाइटी के सदस्य के रूप में भी उन्होंने समाज सेवा की है।

क्या है NLC India Limited?

​नवरत्न दर्जा: एनएलसी इंडिया लिमिटेड (पूर्व में ‘नेवेली लिग्नाइट कॉर्पोरेशन’) भारत सरकार की एक प्रतिष्ठित ‘नवरत्न’ पब्लिक सेक्टर अंडरटेकिंग (PSU) कंपनी है।

​प्रमुख कार्य: यह कंपनी देश में बड़े पैमाने पर लिग्नाइट (भूरा कोयला) और कोयला खनन के साथ-साथ बिजली उत्पादन (थर्मल और रिन्यूएबल एनर्जी) के क्षेत्र में काम करती है।
​हरित ऊर्जा में योगदान: पारंपरिक बिजली उत्पादन के साथ-साथ यह कंपनी देश के ग्रीन एनर्जी ट्रांजिशन (हरित ऊर्जा बदलाव) में भी तेजी से अपने पैर पसार रही है।

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