छत्तीसगढ़

9708 हेक्टेयर में दलहन-तिलहन की खेती, फसल विविधीकरण अभियान ने पकड़ी रफ्तार,धान के बदले अन्य फसल लेने के लिए किसानों को प्रोत्साहित करें – कलेक्टर

महासमुंद। कलेक्टर विनय कुमार लंगेह ने जिला पंचायत सभाकक्ष में कृषि विभाग की, विशेष समीक्षा बैठक ली। जिसमें कलेक्टर ने सभी ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारियों को धान के बदले दलहन व तिलहन फसलों को प्राथमिकता देते हुए निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप पूर्ण करने के निर्देश दिए।
कलेक्टर विनय कुमार लंगेह ने बैठक में कहा कि, राज्य शासन की, मंशा है कि, उच्चहन भूमि में धान के बदले दलहन तिलहन और अन्य फसलों को अधिक से अधिक क्षेत्रफल में लगाया जाए। ताकि किसान केवल धान पर ही निर्भर न रहें। शासन द्वारा कृषक उन्नति योजना अंतर्गत प्रति एकड़ 15 हजार रुपए की, राशि दी जाएगी। उन्होंने कहा कि, जिले में दलहन, तिलहन के अलावा उद्यानिकी फसलों का भी क्षेत्राच्छादन बढ़ाया जा सकता है। उन्होंने बड़े किसानों को प्रेरित करने और अधिक से अधिक किसानों को इसके लाभ बताने के निर्देश दिए हैं।
कलेक्टर श्री लंगेह ने सभी ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारियों को निर्देशित किया कि, वे लगातार अपने क्षेत्र के गांवों में जाएं और किसानों से सीधे संवाद करे। इससे हम किसानों और उनकी समस्याओं को और अधिक से समझ पाएंगे। उन्होंने फसल बीमा योजना को लेकर भी इस पर बारीकी से नजर बनाए रखने को कहा। जिला पंचायत की, मुख्य कार्यपालन अधिकारी अनुपमा आनंद ने सभी एआरईओ कहा कि, किसानों से चर्चा के दौरान बीज वितरण करें और उन्हें फसल प्रदर्शन के लिए शुरुआती दौर में तैयार करें। ऐसे किसानों की, जानकारी भी संधारित करें ताकि आने वाले साल में उन किसानों को प्रोत्साहित किया जा सके। इस बैठक में उप संचालक कृषि एफ. आर. कश्यप सहित जिले के सभी कृषि अधिकारी और ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी मौजूद थे। उप संचालक कृषि एफ.आर. कश्यप ने बताया कि जिले में उच्चहन भूमि में धान के बदले दलहन तिहलन एवं अन्य फसल के लिए 15 हजार 150 रकबा हेक्टेयर क्षेत्र का लक्ष्य मिला है। जिसमें 9708 हेक्टेयर क्षेत्र में अन्य फसल की, पूर्ति की गई है। इसी तरह जैविक खेती के लिए 440 हेक्टेयर क्षेत्र का लक्ष्य रखा गया है, जिसमें 358.88 हेक्टेयर क्षेत्र में पूर्ति कर ली गई है।

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