Dhindhora24 Breaking: 3 शासकीय नौकरियों को रिजाइन कर की UPSC की तैयारी, कैंसर से भी नहीं डगमगाया हौसला, 3रें अटेम्प्ट में महासमुंद के संजय डहरिया ने यूपीएससी में हासिल किया 946वां रैंक

मनोहर सिंह राजपूत(एडिटर इन चीफ)
महासमुंद। यूनियन पब्लिक सर्विस कमिशन(UPSC) ने 2025 के नतीजे घोषित कर दिए हैं। यूपीएससी 2025 में छत्तीसगढ़ के कई छात्र-छात्राओं ने बाजी मारी है। इन्हीं में से एक महासमुंद के ग्राम बेलटूकरी निवासी संजय डहरिया है, जिन्होंने यूपीएससी 2025 के एग्जाम में 946वां रैंक का हासिल कर महासमुंद का मान एक बार फिर बढ़ाया है। उन्होंने तीसरे अटेम्प्ट में यूपीएससी का एक्जाम क्रैक किया और 946वां रैंक हासिल किया है। संजय के यूपीएससी में चयन के बाद परिवार और समाज के लोगों में खुशी की लहर है। संजय ने ढिंढ़ोरा24 से बातचीत करते हुए बताया कि, वे मूलत: महासमुंद जिले के ग्राम बेलटूकरी के निवासी हैं। उनके पिता लखनलाल डहरिया एक कृषक है और मां रेशम डहरिया गृहणी है। तीन भाई और एक बहन में संजय सबसे छोटे हैं। एक भाई शिक्षक के रूप में सेवा दे रहे हैं तो वहीं एक भाई कृषक और बहन हाउस वाइफ है। उन्होंने अपनी स्कूली शिक्षा ग्राम बेलटूकरी के शासकीय स्कूल में की। कक्षा पांचवी में पढ़ाई के दौरान उनका चयन नवोदय विद्यालय माना में हुआ। जहां 5वीं से 12वीं तक की पढ़ाई पूरी की। इसके बाद महासमुंद के शासकीय महाविद्यालय वल्लभाचार्य से उन्होंने अपनी BA इकोनॉमिक्स की पढ़ाई पूरा करते हुए तैयारी शुरू कर दी। इसी दौरान उनका चयन पश्चिम बंगाल राज्य में SBI की शाखा में हुआ। जहां उन्होंने 2009 से 11 तक सेवाएं दी। इसके बाद तैयारी के लिए उन्होंने नौकरी छोड़ दी लेकिन इसी दौरान 2012 में उन्हें कैंसर डिटेक्ट हो गया। लार ग्रंथि में कैंसर होने के बाद भी उन्होंने अपनी हिम्मत नहीं हारी। वे प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते रहे। इसी बीच उनका चयन आईडीबीआई बैंक रायपुर में हुआ, जहां पर उन्होंने 2013 से 17 तक बैंक में सेवाएं दी। बैंक की सर्विस छोड़ने के बाद उनका चयन पोस्ट ऑफिस महासमुंद के बैंकिंग सेक्टर में हुआ जहां पर उन्होंने 2017 से लेकर 18 तक अपनी सेवाएं देने के बाद यूपीएससी की तैयारी को लेकर नौकरी छोड़ दी। इस बीच 2012 से 2018 तक उनके कैंसर का इलाज मुंबई में चला रहा। लेकिन यूपीएससी फाइट के जिद के आगे उसके बीमारी को भी घुटने टेकने पड़े। 2022 से संजय ने यूपीएससी एग्जाम दिलाना शुरू किया। इस बीच उन्हें दो बार निराशा हाथ लगी। लेकिन वह हिम्मत नहीं हारे, दो बार रिजेक्ट होने के बाद उन्होंने अपनी कमियों को आईडेंटिफाई किया और अपने मार्गदर्शकों के साथ तीसरे अटेम्प्ट की तैयारी में लगे रहे। जिसका नतीजा UPSC-2025 के रिजल्ट में सामने आया। संजय ने तीसरे अटेम्प्ट में 940वां रैंक हासिल किया है। सोमवार को उन्हें कैटेगरी के हिसाब से पोस्ट का भी पता चल जाएगा। संजय का कहना है कि, यदि उन्हें IAS कैडर मिलता है तो वह देश की सेवा में लग जाएंगे। लेकिन यदि कैडर चेंज होता है तो आईएएस बनने की जींद उनकी जारी रहेगी। संजय के यूपीएससी में चयन होने के बाद परिवार और समाज के लोगों में खुशी की लहर है। संजय ने अपनी सफलता का श्रेय अपने परिवार, अपने शिक्षक, अपने अपने सहपाठियों और दोस्तों को दी है। उन्होंने कहा कि, सभी उसके विषम परिस्थितियों में साथ खड़े रहे और उनका हौसला औफजाई करते रहे। इसी का नतीजा है कि कठिन बीमारियों को हराने के बाद उन्हें आखिर यह सफलता हासिल हो ही गई। महासमुंद कलेक्टर विनय कुमार लंगेह, जिला शिक्षा अधिकारी विजय कुमार लहरे ने उन्हें बधाई देते हुए उनके उज्जवल भविष्य की कामना की है।



