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राष्ट्रमाता सावित्रीबाई फुले के जन्म जयंती पर सिरपुर में हुआ वैश्विक शांति एवं शिक्षा सम्मेलन 2026 का आयोजन, डीआईजी संतोष सिंह हुए शामिल

महासमुंद। छत्तीसगढ़ में राष्ट्र समर्पित संगठन सम्राट अशोक क्लब द्वारा एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें राष्ट्रिय ध्वज तिरंगा फहराया गया और भगवान बुद्ध, सम्राट अशोक महान व सावित्रीबाई फुले के तेल चित्रों पर पंचशील दीप जलाकर कार्यक्रम की शुरुआत की गई। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि धम्म गुरु खेम्पो कर्मा गेण्डेयूम जी, प्रमुख आचार्य बौद्ध शिक्षा सारनाथ उत्तर प्रदेश, क्लब के राष्ट्रीय महासचिव माननीय जीवन दीप सिंह, डीआईजी डा संतोष कुमार सिंह, डॉ राजकुमार पटेल, एस एन मौर्य, टिकेश्वरी पटेल, प्रदेश अध्यक्ष राजेश्वर सिंह और राम उग्रह मौर्य ने भाग लिया। कार्यक्रम में भारत के वैभवशाली इतिहास और राष्ट्रमाता सावित्रीबाई फुले के सामाजिक उत्थान के बारे में विचार प्रस्तुत किए गए। डीआईजी संतोष सिंह ने राष्ट्रमाता सावित्रीबाई फुले के जन्म जयंती पर वैश्विक शांति एवं शिक्षा सम्मेलन में कहा कि, सावित्रीबाई फुले न केवल भारत की पहली महिला शिक्षिका थीं, बल्कि एक स्वतंत्र व्यक्तित्व और महिला अधिकारों की प्रणेता भी थीं। उन्होंने शिक्षा के माध्यम से महिलाओं और वंचित वर्गों के उत्थान के लिए काम किया और सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ आवाज उठाई। सावित्रीबाई फुले का जन्म 3 जनवरी 1831 को महाराष्ट्र के नायगांव में हुआ था। उन्होंने अपने पति ज्योतिराव फुले के साथ मिलकर महिलाओं की शिक्षा और अधिकारों के लिए काम किया। उन्होंने 1848 में पुणे में पहला बालिका विद्यालय स्थापित किया और महिलाओं को शिक्षित करने के लिए कड़ी मेहनत की। इस अवसर पर छोटे बच्चों ने आकर्षक सांस्कृतिक कार्यक्रम किए। राष्ट्रीय महासचिव जीवन दीप सिंह ने बताया कि सम्राट अशोक क्लब भारत सम्राट अशोक महान के लोक कल्याणकारी राज्य की अवधारणा को पूरी करने के लिए प्रतिबद्ध है। कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों से आए क्लब के पदाधिकारी और राष्ट्र समर्पित जिला नेतृत्व कर्त्ताओं ने भाग लिया

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