
महासमुंद। सेजेस कोमाखान स्थित सभागार में आज विकासखण्ड स्तरीय विषय-विशेषज्ञों एवं पीएलसी (प्रोफेशनल लर्निंग कम्युनिटी) समूह की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक की अध्यक्षता अनुविभागीय अधिकारी राजस्व, श्री उमेश कुमार साहू ने की। बैठक में शिक्षा को और अधिक गुणवत्तापूर्ण बनाने, बच्चों में सीखने की रुचि जगाने तथा नवाचार के माध्यम से शिक्षण पद्धतियों को प्रभावी बनाने जैसे अहम विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।
अध्यक्षीय उद्बोधन में श्री उमेश कुमार साहू ने कहा कि शिक्षा केवल पुस्तकों और परीक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि यह बच्चों के व्यक्तित्व विकास और उनके उज्जवल भविष्य की आधारशिला है। उन्होंने कहा कि शिक्षक यदि अपने कर्तव्यों का निर्वहन पूरे मनोयोग से करें और बच्चों को नवीन, रचनात्मक एवं व्यवहारिक तरीकों से शिक्षा दें, तो निश्चित ही बच्चे उत्साहपूर्वक सीखेंगे और समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाएँगे। उन्होंने शिक्षकों को प्रेरित करते हुए यह भी कहा कि आज के दौर में शिक्षा में नवाचार और तकनीक का समावेश अत्यंत आवश्यक है। यही माध्यम बच्चों को आधुनिक चुनौतियों का सामना करने के लिए सक्षम बनाएगा। उन्होंने प्रत्येक शिक्षक से अपेक्षा जताई कि वे विद्यार्थियों की क्षमताओं और रुचियों को पहचानकर उनके सर्वांगीण विकास की दिशा में कार्य करें।
बैठक में उपस्थित विकासखण्ड के पीएलसी शिक्षकों ने भी अपने विचार साझा किए और बताया कि किस प्रकार शिक्षा को रुचिकर और सरल बनाया जा सकता है। उन्होंने शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के लिए अपने अनुभव और सुझाव रखते हुए इस बात पर जोर दिया कि शिक्षा केवल पाठ्यक्रम तक सीमित न रहकर बच्चों में जीवनोपयोगी कौशल और मूल्य आधारित दृष्टिकोण विकसित करे।
बैठक के दौरान सभागार में उत्साह और सकारात्मक माहौल देखने को मिला। शिक्षक समुदाय ने एक स्वर में संकल्प लिया कि वे सामूहिक प्रयासों से शिक्षा को और अधिक प्रभावी, रुचिकर एवं परिणामोन्मुखी बनाएंगे। सभी ने मिलकर यह विश्वास जताया कि यदि शिक्षक एकजुट होकर नवाचारपूर्ण शिक्षण की दिशा में कार्य करेंगे, तो निश्चित रूप से विकासखण्ड की शैक्षणिक गुणवत्ता नई ऊँचाइयों तक पहुँचेगी।
इस अवसर पर तहसीलदार कोमाखान श्री हरीश ध्रुव, बीईओ श्री के.के. वर्मा, प्राचार्य श्री हीरा सिंह नायक, श्री भोपाल बंजारा सहित विकासखण्ड के सभी संकुल समन्वयक एवं शिक्षक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।पूरे आयोजन में दूरदर्शी विचारों और प्रेरक संदेशों ने न केवल शिक्षकों को नई ऊर्जा दी, बल्कि बच्चों के उज्जवल भविष्य के लिए सामूहिक जिम्मेदारी निभाने की दिशा में सभी को प्रेरित भी किया। बैठक का समापन सौहार्दपूर्ण वातावरण में हुआ, जहाँ सभी उपस्थितजनों ने शिक्षा की गुणवत्ता सुधार हेतु निरंतर योगदान देने का संकल्प लिया।



