स्वास्थ्य मंत्री के दौरे पर मेडिकल कॉलेज में स्टॉफ की कमी, सिटी स्कैन मशीन व एम्बुलेंस का अभाव का ढिंढोरा24 ने उठाया मुद्दा, मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल बोले जरूरत है तो आज ही करेंगे स्वीकृत, विभिन्न पदों पर भर्ती की प्रक्रिया जारी

मनोहर सिंह राजपूत(एडिटर इन चीफ)
महासमुंद। महासमुंद जिले के 384 बेड के सबसे बड़े जिला अस्पताल सह मेडिकल कॉलेज में अस्पताल प्रबंधन के पास स्वयं का एक एम्बुलेंस सेवा तक नहीं है। यही नहीं 100 बिस्तर जिला अस्पताल मेडिकल कॉलेज में बदलने के बाद 384 बेड का हो गया है, जिसके लिए 605 पद स्वीकृत है, लेकिन इसमें भी महज 39 पदों पर ही भर्ती अब तक हुई है, शेष पद अब तक रिक्त है। मेडिकल कॉलेज में मेन पावर की कमी और कई चिकित्सा की सुविधाओं के अभाव के कारण मरीजों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। जिसका मुद्दा आज ढिंढोरा24 ने स्वास्थ्य मंत्री के समक्ष उठाया।
दरसल आज छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल महासमुंद के प्रवास पर थे। महासमुंद पहुंचे स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने सबसे पहले खरोरा में निर्माणाधीन मेडिकल कॉलेज भवन का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने सीजीएमएससी के माध्यम से निर्माण हो रहे भवन के बारे में अधिकारियों से जानकारी ली, और कंस्ट्रक्शन कंपनी को निर्माण में गुणवत्ता लाने और कार्यों को सही तरीके से जल्द पूरा करने के निर्देश दिए। इसके बाद स्वास्थ्य मंत्री मेडिकल कॉलेज पहुंचे, उन्होंने जिला अस्पताल के सभी वार्डो का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान पंजीयन एनकाउंटर, आईसीयू की सुविधा, डायलिसिस के बारे में जानकारी ली। डायलिसिस सेवा को और अधिक बढ़ाने के लिए उन्होंने स्वास्थ्य अधिकारियों को निर्देशित किया। इस निरीक्षण के दौरान स्वास्थ्य मंत्री ने मरीजों से भी बातचीत की और अस्पताल की व्यवस्थाओं के बारे में पूछा। इसके बाद स्वास्थ्य मंत्री ने बेहतर स्वास्थ्य सुविधा और अस्पताल में अन्य सुविधाएं बढ़ाने के लिए अधिकारियों से चर्चा की। इसके साथ ही निरीक्षण में मिले अव्यवस्थाओं को लेकर मंत्री ने स्वास्थ्य विभाग के प्रमुख सचिव अमित कटारिया को व्यवस्थाओं को बहाल करने के निर्देश दिए। स्वास्थ्य मंत्री ने नयापारा स्थित नव निर्मित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का भी जायज लिया। इस दौरान ढिंढोरा24 ने मंत्री के सामने मेडिकल कॉलेज की कमियों में स्टॉफ की कमी, अस्पताल में एम्बुलेंस का अभाव, सिटी स्कैन की सुविधा नहीं मिलने, चिकित्सकीय सर्जनों के नहीं होने का मुद्दा सामने लाया। जिसपर उन्होंने कहा कि, प्रशासन की ओर से 1000 पदों की भर्ती के लिए स्वीकृति भेजा गया है, पीएससी और व्यापम से भर्ती की प्रक्रिया जल्द ही विभिन्न पदों पर पूरी कराई जाएगी। मेडिकल कॉलेज में एंबुलेंस की कमी, सीटी स्कैन मशीन का अभाव और अन्य मेजर सर्जरी जैसी सुविधाएं नहीं होने के सवाल पर उन्होंने कहा कि, मेन पावर की कमी दूर होने के बाद व्यवस्थाओं में सुधार आएगा, बेहतर स्वास्थ्य सुविधा देने का प्रयास किया जा रहा है, जरूरत पड़ी तो हम आज ही कई सुविधाएं स्वीकृत करेंगे। बीते 5 सालों में कांग्रेस की सरकार ने स्वास्थ्य सुविधाओं का बुरा हाल किया है। हमारी सरकार आने के बाद लगातार स्वास्थ्य के क्षेत्र में काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि, सुशासन तिहार के तहत महासमुंद में स्वास्थ्य सुविधाओं का जायजा लिया गया है, कुछ कमियां पाई गई है, जिसपर व्यवस्थाओं में सुधार करने के लिए अधिकारियों को निर्देशित किया गया है। उन्होंने मेडिकल वार्ड, मेडिसिन वार्ड, बाल्य एवं शिशु वार्ड का भी निरीक्षण किया। इस दौरान मंत्री श्री जायसवाल ने बाल्य एवं शिशु वार्ड में एसी और टीवी लगाने के निर्देश दिए। स्वास्थ्य मंत्री श्री जायसवाल ने अस्पताल प्रशासन को निर्देश दिए कि मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं दी जाएं और किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल के भ्रमण के दौरान मुख्य रूप से सांसद रूपकुमारी चौधरी, विधायक योगेश्वर राजू सिन्हा, विधायक डॉ संपत अग्रवाल, पूर्व राज्यमंत्री श्री पूनम चंद्राकर, पूर्व विधायक डॉ विमल चोपड़ा, स्वास्थ्य सचिव अमित कटारिया, आयुक्त शिखा राजपूत, कलेक्टर विनय कुमार लंगेह, जिला पंचायत सीईओ एस.आलोक, डीन डीए रेणुका गहने एवं मेडिकल अधीक्षक बसंत माहेश्वरी एवं मेडिकल कॉलेज सह जिला अस्पताल, स्वास्थ्य विभाग के स्टाफ मौजूद थे।