परसकोल-मचेवा में शासकीय आबंटित भूमि में चल रहा बंदरबाट का खेल, कृषि के लिए आबंटित भूमि को कर दिया गया 19 साल के लिए लीज, अब हो रहा अवैध निर्माण

मनोहर सिंह राजपूत(एडिटर इन चीफ)
महासमुंद। जिला मुख्यालय से लगे ग्राम पंचायत मचेवा के परसकोल में शासन द्वारा कृषि के लिए आबंटित जमीनों में बंदरबाट का खेल चल रहा है। सालों पहले 1981 में शासन ने जिस भूमि को जीवन यापन के लिए स्थानीय निवासियों को कृषि के लिए आबंटित किया था, उसमें खरीद फरोख्त के साथ-साथ लीज देने का काम और अवैध निर्माण का काम भी किया जा रहा है। ताजा मामला परसकोल से सामने आया है। जहां रिहायसी क्षेत्र हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी परसकोल मचेवा के पास में बिना अनुमति अवैध तरीके से कृषि के लिए आबंटित जमीन को लीज कर मोबाइल टावर का निर्माण कराया जा रहा है। ग्राम पंचायत मचेवा अंतर्गत वार्ड क्रमांक 9, स्वामी विवेकानंद वार्ड रमनटोला में बिना एनओसी, बिना पंचायत प्रस्ताव के ही 5जी नेटवर्क के लिए मोबाइल टावर का निर्माण कार्य कंपनी के द्वारा किया जा रहा है। जिस जगह पर मोबाइल टावर का निर्माण किया जा रहा है और बताया जा रहा है कि यहां पर 5G टावर का निर्माण हो रहा है, वह जगह रियाहसी क्षेत्र में शामिल है, जहां सैकड़ों परिवार निवासरत है। वहीं शासकीय जीएडी कॉलोनी, हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी और वार्ड के क्षेत्र शामिल है। इस क्षेत्र के बीचो-बीच 5G टावर के निर्माण होने की खबर सुनते ही लोगों ने इसका विरोध शुरू कर दिया, स्थानीय निवासियों के द्वारा ग्राम पंचायत में लिखित शिकायत भी की गई है, इसके साथ ही अनुभागीय अधिकारी कार्यालय में भी इसकी शिकायत की गई है, बार-बार नोटिस के बाद भी टावर निर्माण कंपनी के द्वारा निर्माण कार्य पर रोक नहीं लगाया जा रहा है। बल्कि धड़ल्ले से प्रशासन के नाक के नीचे बिना किसी परमिशन के निर्माण कार्य को अंजाम दिया जा रहा है। ग्राम पंचायत की सरपंच-सचिव की माने तो इस मोबाइल टावर निर्माण के लिए पंचायत से ना ही एनओसी लिया गया है और ना ही पंचायत का प्रस्ताव लिया गया है। इस संबंध में नोटिस देने के बाद भी उनके द्वारा कार्य किया जा रहा है। एसडीएम महासमुंद को निर्माण कार्य पर तत्काल रोक लगाने के संदर्भ में पंचायत के माध्यम से पत्राचार भी किया गया है। गौरतलब है कि, इस क्षेत्र में सैकड़ो परिवार निवास करते हैं, जहां पर 5G रेडिएशन के चलते आने वाले समय में यहां बच्चे बुजुर्ग और सभी लोगों पर इसका काफी दुष्प्रभाव पड़ेगा। जिसे देखते हुए स्थानीय लोग काफी चिंतित और परेशान है। बार-बार प्रशासन से रिहायशी क्षेत्र में मोबाइल टावर निर्माण पर रोक लगाने की मांग कर रहे हैं।
मचेवा पटवारी शशांक चंद्राकर से मिली जानकारी के अनुसार उक्त भूमि खसरा नंबर 118/1 में आता है, जिसे जीवन यापन के लिए पवन कुमार लहरे पिता विसंभर जाति सतनामी, रकबा .04 हेक्टेयर को 1981 में उनकी दादी के नाम जीवन यापन के लिए कृषि हेतु आबंटित किया गया था। यह भूमि शासन से प्राप्त भूमि है जो कृषि भूमि मद में दर्ज है। जिसे बेचने या फिर लीज पर देने का प्रावधान नहीं। जिसकी पंचनामा की कार्रवाई कर ली गई है, निर्माण कार्य पर रोक लगाने के लिए अनुविभागीय अधिकारी को इसे सौंपा जाएगा।
उक्त मामले में अनुविभागीय अधिकारी राजस्व हरिशंकर पैकरा ने बताया कि, शासकीय आबंटित कृषि भूमि पर लीज देकर अवैध निर्माण करने की शिकायत प्राप्त हुई है, पट्टे की भूमि पर बिक्री या फिर लीज का प्रावधान नहीं है, पंचनामा की कार्रवाई कराई जा रही है, यदि गलत तरीके से नियम विरुद्ध कार्य हो रहे हैं तो छत्तीसगढ़ राजस्व पट्टा वितरण कर्णिका के नियम के तहत उसमें कारवाई की जाएगी।