सजा काट रहे कैदियों की कलाइयां नहीं रहेंगी सुनी, रक्षाबंधन के पर्व पर अपने बंदी भाईयों को राखी बांध सकेंगी बहनें, जिला जेल महासमुंद में तैयारी हुई शुरू

मनोहर सिंह राजपूत(एडिटर इन चीफ)
महासमुंद। महासमुंद जिला जेल में सजा काट रहे कैदियों की कलाइयां इस रक्षाबंधन के पर्व पर सुनी नहीं रहेंगी। भाई-बहनों के पवित्र पर्व रक्षाबंधन को देखते हुए जेल प्रशासन ने जेल में परिरुद्ध बंदियों के लिए रक्षाबंधन पर्व मनाने की तैयारी शुरू कर दी है। 09 अगस्त को होने वाले रक्षाबंधन पर्व के दिन बहने अपनी जेल में बंद, बंदी भाईयों को राखी बांध सकेंगी। इसे लेकर जेल प्रशासन ने तैयारी शुरू कर दी है। सहायक जेल अधीक्षक मुकेश कुशवाहा ने जानकारी देते हुए बताया कि, जेल मुख्यालय छत्तीसगढ़ द्वारा पत्र जारी कर जेल में राखी के आयोजन के संबंध में आदेश जारी किया गया है। जिसके तहत जेल में रक्षाबंधन के आयोजन की अनुमति जेल मुख्यालय को मिली है। इसके बाद जिला जेल महासमुंद में परिरुद्ध बंदियों के बहनों द्वारा, जेल में आकर राखी बांधने की अनुमति दी गई है। जेल प्रबंधन द्वारा इसके लिए बरामदे में सुबह 8 बजे से शाम 5 बजे तक की व्यवस्था की गई है। बहनों को 100 ग्राम सुखी मिठाई और राखी के साथ, जांच के बाद जेल के भीतर बरामदे में प्रवेश दिया जाएगा। प्रत्येक बंदियों के 03 बहनों या परिवारजनों को ही भीतर लेने की अनुमति होगी। इसके लिए सुरक्षा के भी पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। सुरक्षा व्यवस्था हेतु पुलिस अधीक्षक महासमुंद और रक्षित निरीक्षक महासमुंद को भी पत्र लिखकर बाहरी एवं आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था हेतु महिला एवं पुरुष बल की मांग की गई है।