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कांग्रेस के दबाव में आकर सरकार ने की 200 यूनिट तक हाफ बिजली बिल की घोषणा : विनोद चंद्राकर

महासमुंद। पूर्व संसदीय सचिव छ.ग. शासन व महासमुंद के पूर्व विधायक विनोद सेवनलाल चंद्राकर ने कहा कि विधानसभा के विशेष सत्र में मुख्यमंत्री द्वारा 200 यूनिट तक हाॅफ बिजली प्रदान करने की कांग्रेस के दबाव में आकर लिया गया है। कांग्रेस सरकार के दाैरान पूर्व के 5 वर्षों तक उपभोक्ताओं को 400 यूनिट हाफ बिजली बिल का लाभ प्रदान किया गया था। लेकिन, भाजपा ने उसकी छूट सीमा घटाकर 100 यूनिट कर दिया। जिसका परिणाम यह रहा कि कई महीनों तक बढ़े हुए बिजली बिलों ने आम नागरिकों का बजट बिगाड़ दिया है। कांग्रेस ने जनहित के इस मुद्दे को लेकर आवाज उठाई थी और पूर्ववर्ती भूपेश सरकार की तरह आम उपभोक्ताओं को 400 यूनिट तक हाफ बिजली योजना पुन: प्रदेश में लागू करने की मांग की थी। गरीब उपभोक्ताओं के आक्रोश से भयभीत होकर व कांग्रेस के दबाव में आकर अंतत: 200 यूनिट तक हाफ बिजली बिल योजना का लाभ प्रदान करने की घोषणा किया, जो नाकाफी है।
श्री चंद्राकर ने कहा कि कोयले पर सेस हटने और दाम कम होने के बावजूद बिजली के दाम नहीं घटाए गए। बिजली उत्पादन की लागत कम होने के बाद भी दरों में कटौती न करना सरकार की मनमानी आैर उद्योगपतियों से सांठगांठ को दर्शाता है। भाजपा की साय सरकार ने अपने कार्यकाल के दाैरान दो साल में चार बार बिजली दरें बढ़ाई। जबकि, हमारा प्रदेश देश का सबसे बड़े विद्युत उत्पादक राज्यों में शामिल हैं। छग के कोयले से अन्य राज्य राैशन हो रहे हैं। हमारी बिजली, कोयला होने के बाद भी दरों में वृद्धि तथा जो छूट मिल रही थी उसे बंद कर सरकार ने प्रदेश वासियों को लूटने का काम किया। भूपेश बघेल सरकार के दौरान लागू बिजली बिल हाफ योजना से जनता को काफी राहत मिली थी। लेकिन वर्तमान सरकार ने इस योजना को बंद कर दिया। यह योजना बंद होने और दरों में बढ़ोतरी के बाद लोगों के बिजली बिल दुगुना से भी ज्यादा आने लगे हैं, 300-400 रूपए बिजली बिल पटाने वाले उपभोक्ता को 1000 से 1200 रूपए तक बिजली भेजा गया। जिससे घर का बजट बिगड़ गया। अब सरकार जनाक्रोश से भयभीत होकर केवल 200 यूनिट तक हाफ बिजली बिल योजना लागू करने का निर्णय ले रही है जो, न्याय संगत नहीं है। सरकार को चाहिए कि तत्काल 400 यूनिट खपत तक हाफ बिजली बिल योजना को पुन: लागू कर प्रदेश के उपभोक्ताओं को राहत प्रदान करें।

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