अंडर ट्रायल रिव्यू कमेटी ने महासमुंद जिला जेल का किया औचक निरीक्षण, व्यवस्थाओं का लिया जायजा, बंदियों से किया गया सीधा संवाद, जेल प्रशासन को विधिक सहायता से वंचित न रखने के दिये निर्देश
महासमुंद। छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय और राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, बिलासपुर के निर्देशों के अनुपालन में अंडर ट्रायल रिव्यू कमेटी ने गुरुवार 19 मार्च को, बेमचा स्थित महासमुंद जिला जेल का विस्तृत निरीक्षण किया। इस दौरान कमेटी ने बंदियों को मिलने वाली सुविधाओं, भोजन की गुणवत्ता और कानूनी सहायता की उपलब्धता की गहन समीक्षा की। यह निरीक्षण उच्चाधिकारियों की मौजूदगी में हुआ। निरीक्षण दल का नेतृत्व कमेटी की अध्यक्ष एवं प्रधान जिला व सत्र न्यायाधीश अनिता डहरिया ने किया। उनके साथ पुलिस अधीक्षक प्रभात कुमार और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव व मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट चेतना ठाकुर मुख्य रूप से उपस्थित रहीं। इस दौरान कमेटी ने जेल परिसर के भीतर व्यवस्थाओं का बारीकी से अवलोकन किया। बंदियों को मिल रही कानूनी मदद और जेल में स्थापित वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (VC) कक्ष की कार्यप्रणाली देखी। आवास एवं निर्माण का जायजा लेते हुए, बैरकों की वर्तमान स्थिति, जेल बिल्डिंग की मजबूती और नवनिर्मित अतिरिक्त बैरकों का जायजा लिया गया। बुनियादी सुविधाओं में पेयजल, टॉयलेट की स्वच्छता, बंदियों के कपड़ों की दशा और मुलाकात कक्ष की व्यवस्था की भी जांच की गई। कमेटी ने बंदियों को दिए जाने वाले भोजन की गुणवत्ता और जेल अस्पताल में उपलब्ध प्राथमिक चिकित्सा सुविधाओं का परीक्षण किया। कमेटी ने बंदियों से सीधा संवाद किया। निरीक्षण के दौरान न्यायाधीश अनिता डहरिया और कमेटी के सदस्यों ने बंदियों से प्रत्यक्ष रूप से चर्चा की। उन्होंने कैदियों से उनके न्यायालय में लंबित प्रकरणों, अधिवक्ताओं की उपलब्धता और जेल के भीतर उनके रहन-सहन के बारे में जानकारी ली। कमेटी ने जेल प्रशासन को निर्देश दिए कि किसी भी बंदी को विधिक सहायता से वंचित न रखा जाए। इस निरीक्षण के दौरान अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) अक्षा गुप्ता, तहसीलदार जुगल किशोर, जेल अधीक्षक अश्विनी पूजा तिर्की, सहायक जेल अधीक्षक उदय राज गायकवाड़ सहित एलएडीसीएस (LADCS) के अधिवक्ता और पुलिस विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।



