शासकीय योजनाओं से गायत्री देवांगन के परिवार को मिला संबल, सुरक्षित मातृत्व और महिला सशक्तीकरण को मिली नई मजबूती

महासमुंद। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की, 25 वर्षों की, सार्वजनिक सेवा यात्रा सेवा, सुशासन और जनकल्याण के प्रति समर्पण की, यात्रा रही है। इसी भावना के अनुरूप केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाएं महिलाओं के स्वास्थ्य, सुरक्षित मातृत्व, आर्थिक सशक्तीकरण और बेटियों के उज्ज्वल भविष्य को संवारने में विशेष भूमिका निभा रही हैं। इन योजनाओं का लाभ उठाकर महासमुंद के इमलीभाठा निवासी श्रीमती गायत्री देवांगन अपने परिवार को सशक्त बनाने की, दिशा में निरंतर आगे बढ़ रही हैं। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना से गर्भावस्था के दौरान आर्थिक सहायता, महतारी वंदन योजना से नियमित आर्थिक संबल और बालिका हितैषी योजनाओं से बेटियों के भविष्य को सुरक्षित करने का उनका प्रयास महिला सशक्तीकरण की, एक प्रेरक कहानी है। गायत्री देवांगन एक साधारण गृहिणी हैं, लेकिन अपने परिवार के स्वास्थ्य, पोषण और बच्चों के भविष्य को लेकर सजग हैं। उन्होंने शासकीय योजनाओं की, जानकारी प्राप्त कर उनका लाभ उठाया और परिवार की जरूरतों को पूरा करने में इन योजनाओं का सदुपयोग किया। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के अंतर्गत पहली बार मां बनने पर उन्हें 5 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दो किस्तों में प्राप्त हुई। इस राशि से उन्होंने गर्भावस्था के दौरान पोषण, स्वास्थ्य जांच और आवश्यक देखभाल पर खर्च किया। इससे उन्हें सुरक्षित मातृत्व की, दिशा में आर्थिक सहयोग मिला।
इसी तरह, छत्तीसगढ़ शासन की, कौशल्या मातृत्व सहायता योजना के अंतर्गत दूसरी बार गर्भधारण पर गायत्री को 6,000 रुपये की, सहायता राशि प्राप्त हुई। इस आर्थिक सहयोग से गर्भावस्था के दौरान परिवार पर पड़ने वाले खर्च का बोझ कम करने में मदद मिली। वहीं, महतारी वंदन योजना के तहत उन्हें प्रतिमाह 1,000 रुपये की, आर्थिक सहायता मिल रही है। गायत्री इस राशि का उपयोग बच्चों की, पढ़ाई, पोषण और रसोई से जुड़ी आवश्यकताओं को पूरा करने में करती हैं। उनके लिए यह सहायता परिवार के नियमित खर्चों में उपयोगी संबल बन गई है।
दो बेटियों की, मां गायत्री ने बेटियों के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए नोनी सुरक्षा योजना का भी लाभ लिया है। योजना के प्रावधानों के अनुसार उनकी बेटियों के नाम पर निर्धारित राशि जमा की, गई है, जिससे भविष्य में उनकी शिक्षा और आत्मनिर्भरता की, राह को मजबूती मिल सकेगी। निर्धारित शर्तों की पूर्ति पर 18 वर्ष की, आयु पूर्ण करने के बाद प्रत्येक पात्र बालिका को एक लाख रुपये की, सहायता मिलने का प्रावधान है। इस तरह योजनाओं से मिला सहयोग गायत्री के लिए आर्थिक सहायता के साथ बेटियों के बेहतर भविष्य के प्रति विश्वास का आधार भी है। गायत्री ने इस सहयोग के लिए केंद्र और राज्य सरकार का धन्यवाद ज्ञापित किया है।



