छत्तीसगढ़

पूर्व संसदीय सचिव विनोद सेवन लाल चंद्राकर ने सिरपुर पीएससी का किया निरीक्षण,छग में ग्रामीण स्वास्थ्य व्यवस्था की बदहाली का प्रमाण है सिरपुर स्वास्थ्य केंद्र : विनोद चंद्राकर

महासमुंद। पूर्व संसदीय सचिव, छत्तीसगढ़ शासन एवं महासमुंद के पूर्व विधायक विनोद सेवन लाल चंद्राकर ने आज सिरपुर स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान अस्पताल की, स्थिति देखकर जो तस्वीर सामने आई वह छत्तीसगढ़ की, ग्रामीण स्वास्थ्य व्यवस्था की, बदहाली का जीता जागता प्रमाण है।
सिरपुर पीएससी में पदस्थ एमबीएस डॉक्टर खेमचंद साहू को तुमगांव अटैच कर दिया गया है। परिणामस्वरूप पूरा सिरपुर स्वास्थ्य केंद्र आज डॉक्टर विहीन है। यहां न स्टाफ नर्स है, न लैब टेक्नीशियन और न ही वार्ड आया। मरीज आएं तो इलाज कौन करे और रिपोर्ट बने तो जांच कौन करेगा, इसका जवाब सरकार के पास नहीं है। दवा कक्ष में रखी अधिकांश जीवन रक्षक दवाएं एक्सपायरी के कगार पर मिलीं। नियमानुसार ऐसी दवाओं का वितरण नहीं किया जा सकता, फिर गरीब मरीज जाए तो जाए कहां।
सिरपुर के इस केंद्र पर सिरपुर के साथ पासीद, लहंगर, जलकी, अचानकपुर सहित 31 गांवों के हजारों ग्रामीण निर्भर हैं। प्रसव, दुर्घटना, सर्पदंश और अन्य आपात स्थिति में इन्हीं कुछ किलोमीटर दूर स्थित केंद्र से उम्मीद बंधती थी, लेकिन आज वह उम्मीद भी टूट चुकी है। श्री चंद्राकर ने कहा कि, भाजपा सरकार ग्रामीण अंचल के स्वास्थ्य को लेकर पूरी तरह उदासीन है। सरकार की प्राथमिकता बड़े उद्योगपतियों और कारोबारियों के हित साधना बन गई है। गांव, गरीब और किसान उसके एजेंडे से बाहर हैं। छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। प्राथमिक केंद्रों में डॉक्टर नहीं, स्टाफ नहीं, दवा नहीं और जवाबदेही तो बिल्कुल नहीं। ग्रामीण क्षेत्रों को भगवान भरोसे छोड़ दिया गया है। यदि समय रहते सिरपुर पीएससी में स्थायी डॉक्टर, आवश्यक स्टाफ और पर्याप्त दवाओं की व्यवस्था नहीं की गई तो आने वाले दिनों में जन स्वास्थ्य का संकट और गहराएगा। सरकार को तुरंत आंखें खोलनी होंगी और 31 गांवों के लोगों के जीवन से खिलवाड़ बंद करना होगा। इस अवसर पर मानिक साहू, दिलीप जैन, केशव चौधरी, डिगेश सत्यम आदि मौजूद थे।

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