छत्तीसगढ़

महासमुंद के अधीक्षक दंपत्ति नीलेश खांडे और चित्ररेखा तारक उत्कृष्ट सेवा सम्मान से नवाजे गए; 10 वर्षों के समर्पण से बदली छात्रावासों की तस्वीर

​महासमुंद। जिले के आदिवासी विकास विभाग में समर्पण और नवाचार की मिसाल बन चुके छात्रावास अधीक्षक दंपत्ति नीलेश खांडे और चित्ररेखा तारक को जिला स्तरीय स्वतंत्रता दिवस समारोह 2026 में उत्कृष्ट अधिकारी-कर्मचारी सम्मान से नवाजा गया है। समारोह में जिले के प्रभारी मंत्री दयालदास बघेल ने कलेक्टर विनय लंगेह और पुलिस अधीक्षक प्रभात कुमार की, उपस्थिति में दोनों को यह सम्मान प्रदान किया। नीलेश खांडे को यह जिला स्तरीय सम्मान चौथी बार मिला है, जबकि वे राज्य स्तर पर भी दो बार उत्कृष्ट अधीक्षक के रूप में सम्मानित हो चुके हैं।
​उपेक्षित छात्रावासों का किया कायाकल्प
​सत्र 2016 में सरायपाली विकासखंड के ग्राम बलौदा छात्रावास में पदस्थापना के दौरान नीलेश खांडे ने बिना शासकीय मदद के, जनसहयोग से स्मार्ट क्लास और लाइब्रेरी की, स्थापना की। मॉर्निंग वॉक, पालक-बालक सम्मेलन और बचत राशि से बच्चों को अध्ययन सामग्री उपलब्ध कराने जैसी पहलों से परिणाम यह रहा कि, अनुत्तीर्ण होने वाले छात्र प्रथम श्रेणी में पास होकर ‘प्रयास’ जैसी संस्थाओं में चयनित होने लगे।
​इसी प्रकार चित्ररेखा तारक ने प्री-मैट्रिक अनुसूचित जाति कन्या छात्रावास, बिछिया (बसना) में शैक्षणिक व व्यवस्थागत सुधार कर छात्रावास की, पूरी तस्वीर बदल दी। एकलव्य विद्यालय को दिलाई राज्य स्तरीय पहचान
​दंपत्ति की, कार्यकुशलता को देखते हुए उन्हें नवनिर्मित एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय की, कमान सौंपी गई थी। शून्य से शुरुआत कर दोनों ने इसे प्रदेश के अग्रणी संस्थानों में शामिल कराया। खेलकूद, सांस्कृतिक व शैक्षणिक गतिविधियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन के साथ-साथ बच्चों से इनके आत्मीय जुड़ाव का आलम यह रहा कि, बच्चे इन्हें ‘सर-मैडम’ की, जगह ‘मम्मी-पापा’ कहकर पुकारने लगे। विभागीय योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में अग्रणी वर्तमान में जिला मुख्यालय में पदस्थ रहते हुए दोनों प्रशासनिक व सामाजिक जिम्मेदारियों का बखूबी निर्वहन कर रहे हैं:
​सीखो सिखाओ अंजोर फैलाओ अभियान: चित्ररेखा तारक जिले के सभी पोस्ट-मैट्रिक छात्रावासों में अधीक्षकों व विद्यार्थियों से निरंतर संवाद कर सकारात्मक जीवनशैली और संवेदनशीलता का संचार कर रही हैं।
​केंद्रीय योजनाओं का जमीनी क्रियान्वयन: नीलेश खांडे ने पीएम जनमन, धरती आबा और आदि कर्मयोगी अभियान को वास्तविक हितग्राहियों तक पहुंचाने में मुख्य भूमिका निभाई है।
​छात्रवृत्ति व आदर्श ग्राम योजना: पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति के नोडल के रूप में समय पर भुगतान सुनिश्चित करने के साथ, प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना अंतर्गत चयनित 31 में से 16 ग्रामों को आदर्श ग्राम के रूप में विकसित कराया।
​”शासकीय तंत्र में हम नौकरी नहीं करते, बल्कि ‘शासकीय सेवक’ होते हैं। शासन की योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक सही रूप में पहुंचाना ही हमारा पहला कर्तव्य है। हमें जिम्मेदारियां सौंपने और मार्गदर्शन देने के लिए हम कलेक्टर महोदय, जिला पंचायत सीईओ और सहायक आयुक्त के आभारी हैं।”
— नीलेश खांडे एवं चित्ररेखा तारक

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