वैज्ञानिक टसर रेशम कीट पालन पद्धतियों पर एक दिवसीय तकनीकी प्रदर्शन कार्यक्रम आयोजित

महासमुंद। मेरा रेशम मेरा अभिमान 2.0 अभियान के अंतर्गत बुधवार को सेनभाटा में वैज्ञानिक टसर रेशमकीट पालन पद्धतियों पर एक दिवसीय तकनीकी प्रदर्शन कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का आयोजन राज्य रेशम विभाग, छत्तीसगढ़ के समन्वय से केंद्रीय रेशम बोर्ड, करगी रोड, कोटा के वैज्ञानिक-बी केंचप्पा एन. एम. द्वारा किया गया।
कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों को आधुनिक एवं वैज्ञानिक टसर रेशम कीट पालन तकनीकों की, जानकारी देने के साथ उन्हें व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान करना था। इस दौरान उच्च गुणवत्ता वाले कोकून उत्पादन के लिए कीट पालन प्लॉट की, समुचित देखभाल, स्वच्छता प्रबंधन तथा चूना एवं जिप्सम पाउडर के मिश्रण से प्रक्षेत्र के प्रभावी विसंक्रमण की, तकनीक समझाई गई।
किसानों को रेशम कीटों में होने वाले गंभीर विषाणु जनित रोगों की, रोकथाम एवं नियंत्रण के लिए जीवन सुधा के सही उपयोग की, जानकारी भी दी गई। साथ ही, पोषक पौधों पर रेशम कीट लार्वा स्थानांतरित करने से पहले लाल चींटियों के घोंसलों एवं अन्य प्राकृतिक परभक्षियों को नष्ट करने तथा लार्वा की, नियमित दैनिक निगरानी पर जोर दिया गया। कार्यक्रम में बताया गया कि, वैज्ञानिक, उन्नत एवं टिकाऊ टसर रेशम उत्पादन पद्धतियों को अपनाने से कोकून की, उत्पादकता और गुणवत्ता में सुधार के साथ किसानों की, आय में भी वृद्धि हो सकती है। इससे क्षेत्र में रेशम आधारित ग्रामीण आजीविका को मजबूत करने में मदद मिलेगी।



