छत्तीसगढ़

कोडार डेम में बाढ़ आपदा पर मॉक ड्रिल का हुआ आयोजन, एसडीआरएफ और नगर सेना ने किया रेस्क्यू का प्रदर्शन

महासमुन्द। राष्ट्रीय एवं राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग तथा जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण महासमुन्द के संयुक्त तत्वावधान में आज प्रातः 10 बजे शहीद वीर नारायण सिंह कोडार डेम में बाढ़ आपदा पर मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। मॉक ड्रिल का उद्देश्य बाढ़ की, स्थिति में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने का पूर्वाभ्यास किया गाय। साथ ही जिले की, आपदा प्रबंधन तैयारियों को परखना तथा आम नागरिकों को बाढ़ के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों एवं बचाव उपायों के प्रति जागरूक करना था।
मौके पर पहुंचकर कलेक्टर विनय कुमार लंगेह ने मॉक ड्रिल का जायजा लिया एवं आवश्यक जानकारी ली और निर्देश दिए। डिस्ट्रिक्ट कमांडेड दिनेश रावटे के मार्गदर्शन में राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ) एवं नगर सेना की संयुक्त टीम ने बाढ़ की, स्थिति में बचाव एवं राहत कार्यों का व्यावहारिक प्रदर्शन किया। इस दौरान अपर कलेक्टर रवि साहू, उप पुलिस अधीक्षक सुशील नायक, एसडीएम अक्षा गुप्ता, डिप्टी कलेक्टर तेजपाल सिंह ध्रुव, तहसीलदार जुगल किशोर पटेल, सहित स्वास्थ्य, पशुपालन, पुलिस, राजस्व, पीएचई, खाद्य, समाज कल्याण, विद्युत एवं स्थानीय ग्रामीण एवं विभागों के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे। मॉक ड्रिल के दौरान एसडीआरएफ के जवानों ने नाव, मोटरबोट एवं रस्सी की, मदद से बाढ़ में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने की, तकनीक का प्रदर्शन किया। तेज बहाव में फंसे व्यक्तियों को रेस्क्यू जैकेट, ट्यूब एवं रस्सी के माध्यम से सुरक्षित बाहर निकालने का अभ्यास भी कराया गया।
स्वास्थ्य विभाग की, टीम ने घायलों को तत्काल प्राथमिक उपचार देने तथा एम्बुलेंस के माध्यम से नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाने की, प्रक्रिया का प्रदर्शन किया। पशुपालन विभाग ने बाढ़ के दौरान मवेशियों को सुरक्षित ऊंचे स्थानों पर पहुंचाने की, जानकारी दी। विद्युत विभाग ने बाढ़ की, स्थिति में विद्युत आपूर्ति बंद करने और बिजली के खंभों एवं तारों से दूर रहने की, आवश्यकता बताई। वहीं पीएचई विभाग ने सुरक्षित पेयजल की, उपलब्धता एवं जलजनित बीमारियों से बचाव के उपायों की, जानकारी दी।
मॉक ड्रिल के माध्यम से नागरिकों को बताया गया कि, बाढ़ आने पर तत्काल ऊंचे एवं सुरक्षित स्थान पर पहुंचें तथा भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों से बचें। बिजली के खंभों और तारों से दूरी बनाए रखें। केवल सुरक्षित पेयजल का उपयोग करें तथा आवश्यकता होने पर पानी को उबालकर पीएं। बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को प्राथमिकता से सुरक्षित स्थान पर पहुंचाएं तथा आपदा प्रबंधन दल एवं प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन करें।मॉक ड्रिल के माध्यम से प्रशासनिक अमले ने बाढ़ जैसी आपदा की, स्थिति में समन्वित एवं त्वरित कार्रवाई का अभ्यास किया। साथ ही आम नागरिकों को भी आपदा के समय सुरक्षित रहने और बचाव उपायों के प्रति जागरूक किया गया।

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