छत्तीसगढ़

कैबिनेट निर्णय: छत्तीसगढ़ में स्टार्टअप, स्किल और एक्सपोर्ट को बड़ा बूस्ट, शासकीय कर्मचारियों की अधिकतम आयु सीमा बढ़कर 45 वर्ष, साय केबिनेट की बैठक में हुआ निर्णय

​रायपुर।​ मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की, अध्यक्षता में मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित कैबिनेट की बैठक में राज्य के विकास, रोजगार और प्रशासनिक सुधारों को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। ​कैबिनेट बैठक में लिए गए प्रमुख निर्णय इस प्रकार हैं:
​मुख्यमंत्री स्टार्टअप एवं NIPUN मिशन को मंजूरी: प्रदेश के युवाओं के लिए रोजगार, कौशल विकास और नवाचार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से इस मिशन को हरी झंडी दी गई है। इसके लिए आगामी 5 वर्षों के लिए 500 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसके तहत सभी 33 जिलों में उद्यमिता विकास केंद्र, 100 इमर्जिंग टेक्नोलॉजी लैब और 5 इंडस्ट्री एक्सीलेंस सेंटर स्थापित किए जाएंगे। NIPUN JOB Engine के जरिए युवाओं को ‘जॉब-सीकर’ की, जगह ‘जॉब-क्रिएटर’ बनाने पर जोर दिया जाएगा।
​छत्तीसगढ़ निर्यात प्रोत्साहन नीति 2026-30 लागू: राज्य को देश का प्रमुख निर्यात केंद्र बनाने के लिए इस नीति को स्वीकृति दी गई है। इसका मुख्य उद्देश्य मजबूत निर्यात इकोसिस्टम और लॉजिस्टिक्स इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करना है। ई-कॉमर्स और अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेलों के जरिए प्रदेश के कृषि व औद्योगिक उत्पादों की वैश्विक बाजारों तक सीधी पहुंच सुनिश्चित की, जाएगी।
​नवा रायपुर में नेशनल स्किल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट (NSTI) की, स्थापना: भारत सरकार के कौशल विकास एवं उद्यमशीलता निदेशालय को ग्राम तेंदुवा में 10 एकड़ भूमि निःशुल्क आवंटित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है। लगभग 200 करोड़ रुपये की, लागत से बनने वाले इस संस्थान में प्रतिवर्ष 1,000 दीर्घकालिक और 3,000 अल्पकालीन प्रशिक्षुओं को आधुनिक व व्यावसायिक प्रशिक्षण दिया जाएगा।
​शासकीय कर्मचारियों की, आयु सीमा में बड़ी छूट: राज्य के शासकीय सेवकों, निगम-मंडल, स्वशासी संस्थाओं के कर्मचारियों, संविदाकर्मियों तथा नगर सैनिकों को अन्य शासकीय सेवाओं व उच्च पदों पर आवेदन के लिए अधिकतम आयु सीमा 38 वर्ष से बढ़ाकर 45 वर्ष कर दी गई है।
​दुर्ग जिला न्यायालय के नए भवन हेतु भूमि आवंटन: दुर्ग में आधुनिक जिला न्यायालय परिसर के निर्माण के लिए ग्राम तितुरडीह में बीआईटी कॉलेज के पास 4 हेक्टेयर भूमि उपलब्ध कराने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है। इसके एवज में भिलाई इस्पात संयंत्र को ग्राम पाहंदा (तहसील पाटन) में 5.024 हेक्टेयर शासकीय भूमि प्रदान की जाएगी।

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