हादसों पर लगेगी लगाम: डेटा और स्थानीय जोखिमों के आधार पर महासमुंद में सड़क सुरक्षा अभियान शुरू

महासमुंद । जिले में सड़क सुरक्षा को और अधिक प्रभावी एवं सुदृढ़ बनाने की, दिशा में डेटा-आधारित हाइपरलोकल इंटरवेंशन (डीडीएचआई) कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर जिला स्तरीय बैठक अपर कलेक्टर रवि साहू की, अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में सड़क सुरक्षा से जुड़े विभिन्न विभागों एवं संस्थाओं के अधिकारियों और प्रमुख हितधारकों ने सहभागिता की। बैठक में क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी प्रतीक शुक्ला, सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर रोड सेफ्टी, आईआईटी मद्रास के प्रिंसिपल प्रोजेक्ट ऑफिसर पंकज मेहरा एवं प्रोजेक्ट इंजीनियर हेमेन्द्र शर्मा सहित सड़क निर्माण एवं संधारण एजेंसियों, पुलिस, परिवहन तथा स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।
डीडीएचआई कार्यक्रम जिले में सड़क सुरक्षा की, चुनौतियों को स्थानीय स्तर पर चिन्हित कर उनके समाधान के लिए डेटा-आधारित एवं प्रमाण-आधारित रणनीतिविकसित करने पर केंद्रित है। इसके अंतर्गत सड़क दुर्घटनाओं, जोखिम वाले क्षेत्रों, यातायात व्यवहार तथा अन्य उपलब्ध आंकड़ों का विश्लेषण कर जिले की विशिष्ट आवश्यकताओं के अनुरूप सड़क सुरक्षा उपायों की, पहचान एवं प्राथमिकता तय की जाएगी। कार्यक्रम का प्रमुख उद्देश्य एक समान व्यवस्था के स्थान पर महासमुंद जिले की, स्थानीय परिस्थितियों और विशिष्ट सड़क सुरक्षा जोखिमों को ध्यान में रखते हुए प्रभावी हस्तक्षेप सुनिश्चित करना है। इसके माध्यम से स्थानीय स्तर पर संस्थागत क्षमता को मजबूत करने, सड़क सुरक्षा से संबंधित निर्णयों को अधिक प्रमाण-आधारित बनाने तथा विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर जोर दिया जाएगा।
बैठक के दौरान सड़क सुरक्षा से जुड़े विभागों एवं हितधारकों के समन्वित प्रयासों के माध्यम से स्थानीय जोखिमों की, पहचान, आवश्यक उपायों का निर्धारण तथा उनके प्रभावी क्रियान्वयन की, दिशा में कार्य करने पर चर्चा की गई। डीडीएचआई के तहत प्राप्त आंकड़ों और स्थानीय अनुभवों के आधार पर सड़क सुरक्षा के लिए आवश्यक हस्तक्षेपों को अधिक लक्षित एवं प्रभावी बनाने का प्रयास किया जाएगा। इसके माध्यम से दीर्घकालिक एवं सतत सड़क सुरक्षा सुधार सुनिश्चित करने तथा सड़क दुर्घटनाओं और उनमें होने वाली जनहानि को कम करने के लिए समन्वित प्रयासों को गति देने का लक्ष्य रखा गया है।



