कलेक्टर विनय कुमार लंगेह ने भोरिंग स्थित एकलव्य विद्यालय एवं कन्या छात्रावास का किया औचक निरीक्षण, अधूरे निर्माण कार्यों पर जताई नाराजगी, कार्यों को शीघ्र पूर्ण करने के दिए निर्देश

महासमुंद। कलेक्टर विनय लंगेह ने जिले के महासमुंद विकासखंड अंतर्गत ग्राम भोरिंग स्थित एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय एवं प्री-मैट्रिक अनुसूचित जाति कन्या छात्रावास का औचक निरीक्षण कर वहां की, शैक्षणिक व्यवस्था, स्वास्थ्य सुविधाओं, भोजन की, गुणवत्ता, स्वच्छता, बुनियादी सुविधाओं तथा विद्यार्थियों की सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने निर्माण कार्यों में हो रही देरी पर नाराजगी व्यक्त करते हुए संबंधित ठेकेदार को कार्य शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए। साथ ही छात्रावासों में बच्चों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने और विशेष रूप से छात्राओं की, सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय के निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने स्टाफ नर्स एवं चिकित्सक से विद्यार्थियों के स्वास्थ्य, सामान्य बीमारियों, उपचार तथा स्वास्थ्य संबंधी व्यवस्थाओं की जानकारी ली। उन्होंने निर्देशित किया कि विद्यार्थियों के स्वास्थ्य की, नियमित निगरानी की जाए। कलेक्टर ने छात्रावास की,साफ-सफाई और भोजन व्यवस्था का निरीक्षण करते हुए विद्यार्थियों को स्वच्छ, पौष्टिक एवं गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराने कहा। उन्होंने कहा कि, बच्चों को कम मिर्च-मसाले वाला सादा, सुपाच्य एवं स्वादिष्ट भोजन परोसा जाए, ताकि उनके स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव न पड़े। इसके साथ ही शौचालयों एवं स्नानागारों की, नियमित साफ-सफाई सुनिश्चित करने तथा भवन में जहां भी टूट-फूट हो, उसकी तत्काल मरम्मत कराने के निर्देश प्रभारी प्राचार्य महेंद्र टंडन को दिए। कलेक्टर ने विद्यालय परिसर में वर्ष 2022 से स्वीकृत निर्माण कार्यों की प्रगति का निरीक्षण किया। इनमें सामूहिक किचन, मेस हॉल, अतिरिक्त कक्ष, अधीक्षक आवास, गेस्ट रूम एवं खेल मैदान सहित अन्य निर्माण कार्य शामिल हैं। स्वीकृति के लगभग चार वर्ष बाद भी कार्य पूर्ण नहीं होने पर कलेक्टर ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की, और संबंधित एजेंसी को निर्माण कार्यों को शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए। संबंधित अधिकारियों को निर्माण कार्यों की प्रगति पर सतत निगरानी रखने के निर्देश भी दिए गए। विद्यालय परिसर में पेयजल की, समस्या के संबंध में कलेक्टर ने मौके पर उपस्थित लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के कार्यपालन अभियंता देव कुमार वर्मा एवं सब-इंजीनियर आलोक शुक्ला को तत्काल आवश्यक प्रस्ताव तैयार कर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि, प्रस्ताव तैयार करने एवं स्वीकृति की, प्रक्रिया में आवश्यक तत्परता बरती जाए, ताकि विद्यार्थियों को पेयजल की, पर्याप्त सुविधा उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक कार्य शीघ्र प्रारंभ किया जा सके।
कलेक्टर ने बालक एवं कन्या छात्रावासों में विद्यार्थियों की, सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए निर्देश दिए कि बच्चों को अवकाश के दौरान केवल उनके परिजनों के साथ ही भेजा जाए। छात्रावास परिसर में किसी भी अनाधिकृत व्यक्ति का प्रवेश नहीं होना चाहिए। परिसर में आने-जाने वाले प्रत्येक व्यक्ति का परिचय एवं मोबाइल नंबर निर्धारित रजिस्टर में अनिवार्य रूप से दर्ज किया जाए, ताकि आगंतुकों का व्यवस्थित रिकॉर्ड संधारित रहे। उन्होंने विशेष रूप से कन्या छात्रावासों में सुरक्षा संबंधी सभी व्यवस्थाओं का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने को कहा। कलेक्टर ने निर्देशित किया कि, सभी कन्या छात्रावासों में सीसीटीवी कैमरे सदैव चालू स्थिति में रहें। किसी भी प्रकार की, समस्या, अव्यवस्था अथवा सुरक्षा संबंधी शिकायत की, जानकारी तत्काल खंड प्रभारी को दी जाए, ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके। एकलव्य विद्यालय के निरीक्षण के बाद कलेक्टर ने भोरिंग स्थित प्री-मैट्रिक अनुसूचित जाति कन्या छात्रावास का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने छात्रावास की, विभिन्न पंजियों एवं अभिलेखों की, जांच की, तथा कमरों में बिजली, लाइट और पंखों की, उपलब्धता एवं उनकी कार्यशील स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने छात्रावास में आवश्यक सुविधाओं को व्यवस्थित बनाए रखने और विद्यार्थियों को किसी प्रकार की, असुविधा नहीं होने देने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान छात्रावास अधीक्षक श्रीमती शारदा वर्मा ने कलेक्टर को बताया कि, छात्रावास परिसर सड़क के स्तर से नीचे होने के कारण बारिश के दौरान तथा आसपास पानी जमा होने से जलभराव की, समस्या बनी रहती है। इस पर कलेक्टर ने समस्या के स्थायी निराकरण के लिए परिसर के समतलीकरण का प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए तथा उक्त कार्य को वीबी-जी राम जी योजना के अंतर्गत स्वीकृत कराने के लिए सहमति व्यक्त की।
कलेक्टर विनय लंगेह ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि छात्रावासों में विद्यार्थियों के लिए स्वच्छ वातावरण, पौष्टिक भोजन, सुरक्षित आवास, पेयजल, स्वास्थ्य सुविधाएं और आवश्यक बुनियादी व्यवस्थाएं सुनिश्चित की, जाएं। उन्होंने कहा कि, छात्रावासों में रहने वाले बच्चों की सुरक्षा, स्वास्थ्य एवं सुविधाओं के प्रति किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं होनी चाहिए। सभी संबंधित अधिकारी नियमित निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की निगरानी करें तथा सामने आने वाली समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर निराकरण सुनिश्चित करें। निरीक्षण के दौरान सहायक आयुक्त आदिवासी विकास श्रीमती शिल्पा साय एवं खंड प्रभारी आदिवासी विकास महासमुंद नीलेश खांडे उपस्थित रहे।



