छत्तीसगढ़

विधायक डॉ. संपत अग्रवाल ने समर्थकों संग सुना ‘मन की बात’ का 139वां संस्करण, बोले-जनभागीदारी ही आत्मनिर्भर भारत की धुरी,’लोकल फॉर वोकल’ और पर्यावरण संवर्धन से ही गढ़ा जाएगा सशक्त भारत: विधायक डॉ. संपत अग्रवाल

बसना। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लोकप्रिय मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ का 139वां संस्करण रविवार को पूरे देश के साथ बसना विधानसभा क्षेत्र में भी व्यापक उत्साह और गरिमा के साथ सुना गया। इस अवसर पर बसना स्थित विधायक कार्यालय में एक विशेष सामूहिक श्रवण कार्यक्रम का आयोजन हुआ, जिसमें क्षेत्र के लोकप्रिय विधायक डॉ. संपत अग्रवाल ने स्थानीय जनप्रतिनिधियों, प्रबुद्ध नागरिकों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और आमजनों के साथ बैठकर प्रधानमंत्री के प्रेरक उद्बोधन का श्रवण किया। कार्यक्रम के दौरान संपूर्ण परिसर राष्ट्रभक्ति, उत्साह और जनसहभागिता के भाव से ओत-प्रोत नजर आया। कार्यक्रम के समापन के उपरांत विधायक डॉ. संपत अग्रवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का ‘मन की, बात’ महज एक औपचारिक रेडियो संबोधन नहीं है, बल्कि यह 140 करोड़ भारतवासियों के सामूहिक संकल्प, संघर्ष, अटूट विश्वास और सकारात्मक सामाजिक बदलाव को एक सूत्र में पिरोने वाला सशक्त राष्ट्रीय प्रेरणापुंज बन चुका है। विधायक डॉ. संपत अग्रवाल ने प्रधानमंत्री के संबोधन के मूल मर्म को रेखांकित करते हुए कहा कि, ‘मन की, बात’ की, सबसे प्रभावी और दिल को छू लेने वाली बात यह है कि देश की, असली ताकत आम नागरिकों के छोटे-छोटे मगर निरंतर और समर्पित प्रयासों में निहित है। उन्होंने कहा कि, प्रधानमंत्री जी ने देश के सुदूर अंचलों में जल संरक्षण, पर्यावरण संवर्धन और स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देकर समाज को नई दिशा देने वाले जिन जमीनी नायकों का उल्लेख किया है, उनका जीवन और कार्य हम सभी के लिए अनुकरणीय मार्गदर्शक है। विधायक ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि, ‘लोकल फॉर वोकल’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ का ध्येय केवल एक नारा नहीं है, यह सपना तभी धरातल पर पूरी तरह साकार होगा जब समाज का प्रत्येक नागरिक अपनी रोजमर्रा की, जीवनशैली में स्वदेशी उत्पादों को प्राथमिकता देगा। विधायक डॉ. संपत अग्रवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 139वें संस्करण के मुख्य बिंदुओं का विस्तार से विश्लेषण करते हुए कहा कि, प्रधानमंत्री मोदी जी ने अपने संबोधन में विशेष रूप से रेखांकित किया कि, कैसे स्वच्छता, जल संरक्षण और डिजिटल साक्षरता जैसे राष्ट्रीय लक्ष्य आज केवल सरकारी योजनाएं न रहकर जनसहभागिता के बल पर सशक्त जनआंदोलन का स्वरूप ले चुके हैं; साथ ही उन्होंने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति और संबल देने के लिए आगामी त्योहारों व दैनिक जीवन में स्थानीय कारीगरों, बुनकरों और छोटे उद्यमियों के स्वदेशी उत्पादों को प्राथमिकता देकर स्थानीय शिल्प को सशक्त बनाने का देशव्यापी आह्वान किया है। इसके अतिरिक्त, प्रधानमंत्री जी ने देश के स्टार्ट-अप इकोसिस्टम, खेल जगत में उभरती ग्रामीण प्रतिभाओं और विज्ञान-प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में युवाओं के बढ़ते कदमों की, सराहना करते हुए युवा शक्ति व नवाचार को नए भारत की, रीढ़ बताया, तथा पर्यावरण संवर्धन की दिशा में पारंपरिक जल संचयन और आधुनिक तकनीक के समन्वय से भूजल स्तर सुधारने वाले विभिन्न राज्यों के नवाचारों का उल्लेख कर पर्यावरण व जल संरक्षण को राष्ट्रहित में अत्यंत अनिवार्य और सामयिक बताया।विधायक डॉ. संपत अग्रवाल ने अपने संबोधन के अंत में दोहराया कि, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी विचारों और मार्गदर्शन से प्रेरणा लेकर बसना विधानसभा क्षेत्र में भी जनकल्याण, जल संचयन, पर्यावरण संरक्षण तथा स्थानीय स्तर पर रोजगार व आजीविका संवर्धन से जुड़ी योजनाओं को जनसहभागिता के माध्यम से तीव्र गति से धरातल पर उतारा जा रहा है।कार्यक्रम में जिला संयोजक आर्थिक प्रकोष्ठ सुमित अग्रवाल,पूर्व जिला उपाध्यक्ष भाजपा रमेश अग्रवाल, सभापति नगर पंचायत बसना प्रकाश सिन्हा,पार्षद आशीष साहू, विधायक प्रतिनिधि निर्मल दास, अध्यक्ष युवा मोर्चा बसना आकाश सिन्हा,जिला महामंत्री युवा मोर्चा कामेश बंजारा,विधायक प्रतिनिधि खेमराज अग्रवाल, विधायक प्रतिनिधि सुखदेव वैष्णव,जिला मीडिया प्रभारी आर्थिक प्रकोष्ठ विजय पटेल,सरपंच बंसुला नवीन साहू,निज सचिव नरेंद्र बोरे,संपादक साहू समाज युवा मंच देवेश साहू,मंत्री अ. पि. व. मोर्चा छत्रपाल बारिक , उपाध्यक्ष युवा मोर्चा गढ़फूलझर प्रमीत साहू,वरिष्ठ पार्टी पदाधिकारी, मंडल अध्यक्ष, मोर्चा प्रकोष्ठों के प्रतिनिधि, युवा कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण व गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे, जिन्होंने एक स्वर में प्रधानमंत्री के विकसित एवं आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को आगे बढ़ाने का सामूहिक संकल्प लिया।

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