वोट चोरी के आरोपों के बीच ट्रेनों के रद्द होने पर विनोद चंद्राकर का हमला

महासमुंद। पूर्व संसदीय सचिव छत्तीसगढ़ शासन व महासमुंद के पूर्व विधायक विनोद सेवन लाल चंद्राकर ने केंद्र और राज्य की, भाजपा सरकार पर लोकतंत्र को खत्म करने का गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि, वोट चोरी के मुद्दे पर राहुल गांधी द्वारा उठाए जा रहे सवालों से घबराई हुई मोदी सरकार अब तानाशाही रवैये पर उतर आई है और संवैधानिक तरीके से हो रहे विरोध को दबाने के लिए आम जनता की, आवागमन का सबसे बड़ा साधन ट्रेनों को ही रद्द किया जा रहा है।
श्री चंद्राकर ने कहा कि, यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि, वैवाहिक सीजन में जब लोगों ने महीनों पहले अपने परिवार के शादी समारोह में शामिल होने के लिए कंफर्म टिकट बुक कराए थे, ठीक उसी समय झारसुगुड़ा में नॉन इंटरलॉकिंग कार्य के नाम पर 50 से अधिक लंबी दूरी की ट्रेनों को रद्द कर दिया गया है। इसमें हावड़ा पुणे दुरंतो, पुणे हावड़ा दुरंतो, टाटानगर नेताजी सुभाष चंद्र बोस, इतवारी टाटानगर, सूरत मालदा टाउन, कामाख्या एलटीटी, दुर्ग हटिया, हटिया दुर्ग, बिलासपुर बक्सर, पोरबंदर सांतरागाछी, हावड़ा अहमदाबाद, अहमदाबाद हावड़ा सहित छत्तीसगढ़ से गुजरने वाली महत्वपूर्ण ट्रेनें शामिल हैं। कुछ ट्रेनें बदले मार्ग से चल रही हैं तो कुछ को राउरकेला स्टेशन पर ही समाप्त किया जा रहा है। इसका सीधा असर महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, गुजरात, ओडिशा, बिहार, झारखंड और दिल्ली जाने वाले यात्रियों के साथ आम लोगों और कारोबारियों पर पड़ रहा है।
उन्होंने कहा कि, यह कोई नई बात नहीं है। जनवरी से सितंबर के बीच बिलासपुर रेल मंडल से जुड़ी 840 ट्रेनें रद्द की, जा चुकी हैं, 46 मेमू ट्रेनों को बीच रास्ते में ही समाप्त कर दिया गया। इनमें 362 एक्सप्रेस, 318 मेमू और 160 पैसेंजर ट्रेनें थीं। सबसे ज्यादा 234 ट्रेनें अकेले अप्रैल माह में रद्द हुईं। तीसरी और चौथी रेल लाइन के निर्माण, मेगा ब्लॉक और नॉन इंटरलॉकिंग के नाम पर 55 ट्रेनों के मार्ग बदले गए। चांपा स्टेशन पर चौथी रेल लाइन के काम के कारण 77 ट्रेनें रद्द की, गईं। यह आंकड़ा बताता है कि सरकार को यात्रियों की, तकलीफ से कोई सरोकार नहीं है।
*अब तक स्पेशन ट्रेनों की नहीं हुई घोषणा*
श्री चंद्राकर ने आगे कहा कि, एक तरफ ट्रेनें रद्द की, जा रही हैं तो दूसरी तरफ दिवाली और छठ जैसे बड़े त्योहार नजदीक होने के बावजूद अब तक स्पेशल ट्रेनों की, घोषणा नहीं हुई है। यूपी बिहार झारखंड दिल्ली रूट की, नियमित ट्रेनें अभी से फुल हो चुकी हैं, कई ट्रेनों में वेटिंग 150 से ज्यादा हो चुकी है और कुछ में तो नो रूम की, स्थिति है। दिवाली में महज 15 दिन बचे हैं लेकिन कंफर्म बर्थ के लिए लोग रेलवे की, वेबसाइट और एप पर नजर गड़ाए बैठे हैं। रेलवे कह रहा है कि, जल्द घोषणा होगी लेकिन इससे तत्काल कोटे पर दबाव बढ़ेगा और आम आदमी को टिकट मिलना और मुश्किल हो जाएगा। उन्होंने कहा कि, राहुल गांधी के नेतृत्व में चल रहा वोट चोर गद्दी छोड़ अभियान लोकतंत्र की, रक्षा और जनता के अधिकारों का अभियान है। इससे घबराकर सरकार आम जनता को परेशान कर रही है। उन्होंने मांग की, कि, रेल मंत्रालय ट्रेनों के रद्द होने के वास्तविक कारणों को स्पष्ट करे और यात्रियों को हो रही परेशानी का तत्काल समाधान करे। विकास कार्यों के नाम पर जनता को बंधक बनाना बंद किया जाए वरना जनता आने वाले समय में इसका करारा जवाब देगी।



