करणी कृपा पावर प्लांट हादसे की उच्चस्तरीय जांच हो : मानिक साहू

महासमुंद। तुमगांव के कौंवाझर स्थित करणी कृपा पावर प्लांट में सोमवार शाम करीब 5 बजे दो लोगों के घायल होने की, सामने आई सूचना पर महासमुंद जिला किसान कांग्रेस के अध्यक्ष मानिक साहू ने गंभीर चिंता व्यक्त की, है। उन्होंने प्रशासन से पूरे मामले की, तत्काल निष्पक्ष जांच कराने तथा घटना की जानकारी पुलिस को समय पर क्यों नहीं दी गई, इसकी भी जांच करने की, मांग की, है। मानिक साहू ने कहा कि, औद्योगिक संस्थानों में काम करने वाले श्रमिकों की, सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। यदि पावर प्लांट में दो लोग घायल हुए हैं और उन्हें उपचार के लिए रायपुर के अस्पताल में भर्ती कराया गया है, तो घटना की, पूरी जानकारी संबंधित पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों को तत्काल दी जानी चाहिए थी। उन्होंने आरोप लगाया कि, मामले में तुमगांव पुलिस को सूचना नहीं दिए जाने की, बात सामने आ रही है, जो बेहद गंभीर विषय है। उन्होंने कहा कि, घायल बताए जा रहे नवल वर्मा, निवासी पोड राजिम तथा ज्योतिष सिंह, निवासी अकलतरा का रायपुर के समता कॉलोनी स्थित अग्रवाल अस्पताल में उपचार चलने की, जानकारी सामने आई है। इनमें से एक व्यक्ति की, आंख में चोट लगने की, भी जानकारी है। ऐसे में प्रशासन को घायलों की, वास्तविक स्थिति, हादसे की परिस्थितियों और घटना के कारणों की, पुष्टि करनी चाहिए। जिला अध्यक्ष किसान कांग्रेस मानिक साहू ने कहा कि, करणी कृपा पावर प्लांट में पूर्व में भी गंभीर घटनाओं और मौतों को लेकर सवाल उठ चुके हैं। मीडिया में मामला सामने आने के बाद पुलिस प्रशासन द्वारा संज्ञान लेकर कार्रवाई की, गई थी तथा तत्कालीन कलेक्टर विनय कुमार लंगेह ने भी मामले की, गंभीरता को देखते हुए जांच के आदेश दिए थे। जांच में प्लांट प्रबंधन से जुड़े सुरक्षा संबंधी गंभीर सवाल सामने आने की, बात भी कही गई थी। उन्होंने कहा कि, यदि एक ही औद्योगिक संस्थान में बार-बार हादसे सामने आते हैं तो प्रशासन को केवल घटना के बाद कार्रवाई करने के बजाय प्लांट की, संपूर्ण सुरक्षा व्यवस्था, श्रमिकों के सुरक्षा उपकरण, प्रशिक्षण, आपातकालीन चिकित्सा व्यवस्था और सुरक्षा मानकों के पालन की, व्यापक जांच करनी चाहिए। मानिक साहू ने महासमुंद जिला प्रशासन एवं पुलिस विभाग से मांग की है कि, ताजा घटना की, तत्काल जांच कराई जाए। घटना की, सूचना पुलिस को क्यों नहीं दी गई, घायलों को अस्पताल पहुंचाने की, प्रक्रिया क्या रही, हादसा किस परिस्थिति में हुआ और क्या प्लांट प्रबंधन द्वारा सभी निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन किया जा रहा था—इन सभी बिंदुओं की, जांच हो।उन्होंने कहा कि, श्रमिकों की, जान से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जा सकता। यदि जांच में किसी की, लापरवाही या नियमों का उल्लंघन सामने आता है तो जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की, जानी चाहिए।
मानिक साहू
अध्यक्ष, जिला किसान कांग्रेस, महासमुंद



