महासमुंद कलेक्टर विनय कुमार लंगेह ने पेश की मिसाल, बायोमेट्रिक ई-अटेंडेंस रिपोर्ट कार्ड में हासिल किए 100% अंक, 23 में से पूरे 23 दिन सुबह 10 बजे से पहले दफ्तर पहुंचकर पेश की समयबद्धता की अनूठी मिसाल

महासमुंद। छत्तीसगढ़ के सरकारी दफ्तरों में प्रशासनिक कार्यकुशलता, समय का पालन और पारदर्शिता बढ़ाने के लिए शुरू की, गई बायोमेट्रिक ई-अटेंडेंस व्यवस्था का असर अब दिखने लगा है। जुलाई माह के 23 कार्यदिवसों की, उपस्थिति के आधार पर जारी की, गई ताजा रैंकिंग और रिपोर्ट कार्ड में महासमुंद कलेक्टर विनय कुमार लंगेह ने अपने अनुशासन और समयबद्धता का लोहा मनवाते हुए 100 में से 100 अंक (परफेक्ट स्कोर) हासिल किए हैं। जुलाई महीने में कुल 23 कार्यदिवस निर्धारित थे, जिसमें हर दिन के लिए अधिकतम 10 अंक के हिसाब से 230 अंक का बेस स्कोर तय किया गया था। कलेक्टर विनय कुमार लंगेह ने पूरे 23 में से 23 दिन सुबह 10 बजे से पहले दफ्तर पहुंचकर शत-प्रतिशत उपस्थिति दर्ज कराई। उनके इस अनुशासित कार्यशैली ने उन्हें 100% स्कोर दिलाकर इस रैंकिंग के टॉप-5 अधिकारियों की सूची में शीर्ष पर लाकर खड़ा किया है। लंगेह के साथ-साथ चार अन्य अधिकारियों ने भी बायोमेट्रिक अटेंडेंस में 100 में से 100 अंक प्राप्त किए हैं जिनमें विनय कुमार लंगेह (कलेक्टर महासमुंद) ने 23 में से 23 दिन सुबह 10 बजे से पहले दफ्तर पहुंचे। भगवान सिंह उइके (कलेक्टर): 23 में से 23 दिन समय पर उपस्थिति दर्ज कराई। राजेश सिंह राणा (सचिव): 23 में से 23 दिन पूर्ण समयबद्धता दिखाई। सोनमणि बोरा (सचिव): 22 दिन समय पर उपस्थित, 1 दिन आधिकारिक दौरे पर रहे। हिम शिखर गुप्ता (सचिव): 22 दिन समय पर उपस्थित, 1 दिन आधिकारिक दौरे पर रहे।
गौरतलब है कि, छत्तीसगढ़ सरकार ने महानदी भवन और इंद्रावती भवन में आधार-आधारित बायोमेट्रिक अटेंडेंस सिस्टम लागू किया है। 1 दिसंबर 2025 से मंत्रालय में इसे अनिवार्य किया गया था, जबकि 1 जनवरी 2026 से संचालनालयों में भी यह लागू हुआ। इस व्यवस्था से अफसरों की, उपस्थिति, लेट-लतीफी, छुट्टी और दौरों का पूरा हिसाब पारदर्शी तरीके से सामने आ रहा है।



