पूर्व विधायक विनोद चंद्राकर ने सुशासन तिहार पर उठाए सवाल, समय से पहले शिविर से अधिकारियों के लौटने का लगाया आरोप?, कहा – प्रदेशवासियों की उम्मीदों पर खरा नहीं उतर पाई भाजपा सरकार

महासमुंद। प्रदेश में भाजपा की साय सरकार लोगों की उम्मीदों पर खरा उतरने में विफल साबित हुई है। बढ़ती महंगाई, भ्रष्टाचार पर अंकुश लगा पाने में सरकार असफल हो गई है। युवाओं को रोजगार नहीं मिल रहा, शासन के गलत उद्योग नीति के चलते छोटे- मंझोले व्यापार पर आर्थिक संकट उत्पन्न हो गया है। प्रदेश में चहूंओर आए दिन बिजली कटाैती हो रही है। किसान खाद-बीज के लिए सोसायटियों के चक्कर लगा रहे हैं और प्रदेश सरकार सुशासन तिहार मनाने में मशगुल है। सुशासन तिहार में भी जनसमस्याओं का किसी तरह समाधान नहीं हो पा रहे हैं। समाधान शिविर केवल औपचारिकता बनकर रह गई है। उक्त वक्तव्य पूर्व संसदीय सचिव छ.ग. शासन व महासमुंद के पूर्व विधायक विनोद सेवनलाल चंद्राकर ने बीते 1 जून को शहर के नयापारा क्षेत्र स्थित टाॅउन हाॅल में आयोजित सुशासन तिहार अंतर्गत समाधान शिविर को लेकर व्यक्त किए। जिसमें समय से पहले ही समस्त अधिकारी -कर्मचारी शिविर छोड़ कर चले गए। टाउन हाॅल में चस्पा किए बैनर में शिविर का समय सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक लिखा हुआ था। लेकिन, नेताओं के जाते ही विभागीय अिधकारी भी लाैट गए। दोपहर 2 बजे के बाद पूरा टाॅउन हाॅल खाली हो गया। शिविर में एक भी कर्मचारी नहीं थे। नयापारा क्षेत्र के 10 वार्डों के नागरिकों के लिए उक्त शिविर लगाए गए थे। दोपहर 2 बजे के बाद अनेक नागरिक अपनी फरियाद लेकर शिविर पहुंचे थे। लेकिन, शिविर में खाली कुर्सियों के अलावा कुछ भी नहीं था। श्री चंद्राकर ने कहा कि, पिछले साल भी सुशासन तिहार के अंतर्गत जगह-जगह शिविर लगाकर लोगों से मांग, समस्याओं से संबंधित हजारों आवेदन लिए गए थे। उन्हीं आवेदकों ने इस बार फिर उसी समस्या को लेकर पुन: आवेदन साैंपा है। पिछले साल दिए उनके आवेदनों का क्या हुआ इसका जवाब शासन के पास नहीं है। संभवत: पूर्व के आवेदनों को रद्दी की टोकरी में डाल दिया गया। इसलिए उनका निराकरण 1 साल तक नहीं हो पाया। इस बार पुन: आवेदन लिया गया है, इसे भी रद्दी में फेंक दिया जाएगा। सुशासन तिहार को भाजपा केवल अपना प्रचार-प्रसार का माध्यम बना रही है। इसमें किसी प्रकार के समस्याओं का समाधान नहीं हो रहा। तेज धूप, गर्मी के बीच लोग शिविर में इस आशा से पहुंचते हैं, कि उनके समस्याओं का समाधान होगा, लेकिन आम जनों को कहां ज्ञात है कि यह भाजपा का पब्लिसिटी स्टंट है, समाधान शिविर केवल औपचारिकता है।



