छत्तीसगढ़

कांग्रेस कार्यकाल की दूरदर्शिता से मिली थी 125 सीटों की सौगात, अव्यवस्था का जिम्मेदार है भाजपा की साय सरकार : विनोद चंद्राकर

महासमुंद। पूर्व संसदीय सचिव छग शासन एवं महासमुंद के पूर्व विधायक विनोद सेवन लाल चंद्राकर ने महासमुंद मेडिकल कॉलेज की, बदहाल स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा है कि, कांग्रेस शासन में जनता की, स्वास्थ्य सुविधाओं को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से जिस दूरदर्शिता और संघर्ष के साथ महासमुंद में मेडिकल कॉलेज की, स्थापना कराई गई थी, आज भाजपा की, साय सरकार उसी विरासत को संभालने में पूरी तरह असफल साबित हो रही है। उन्होंने कहा कि, उनके विधायकी कार्यकाल में कांग्रेस की, भूपेश सरकार ने एड़ी चोटी का जोर लगाकर प्रदेश के दूरस्थ अंचल में चिकित्सा शिक्षा की, अलख जगाई और कड़ी मेहनत के बाद महासमुंद मेडिकल कॉलेज को 125 एमबीएस सीटों की, स्वीकृति दिलाई गई। यह स्वीकृति केवल एक घोषणा नहीं थी, बल्कि छत्तीसगढ़ के युवाओं को अपने ही प्रदेश में डॉक्टर बनने का अवसर देने और आम जनता को सस्ती व सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने की, दिशा में एक ऐतिहासिक कदम था। श्री चंद्राकर ने कहा कि, दुर्भाग्य की, बात है कि, सत्ता परिवर्तन के बाद भाजपा सरकार इस महत्वपूर्ण संस्थान को लेकर गंभीरता नहीं दिखा रही है। नेशनल मेडिकल कमीशन ने हाल ही में कॉलेज का निरीक्षण कर फैकल्टी, अस्पताल और हॉस्टल में गंभीर कमियां पाई हैं और सुधार के लिए मात्र 45 दिन का अल्टीमेटम दिया है। यह अल्टीमेटम कोई पहला नहीं है। हर साल इसी तरह की, चेतावनी मिलती है, लेकिन भाजपा सरकार की, लचर कार्यप्रणाली और काम करने की, इच्छाशक्ति की, कमी के कारण आज तक स्थिति नहीं सुधरी। एनएमसी की, रिपोर्ट के अनुसार कॉलेज में स्वीकृत 33 फैकल्टी पदों में से 24 पद आज भी रिक्त हैं। आधी से ज्यादा फैकल्टी की, कमी का सीधा असर 125 सीटों पर पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं के भविष्य पर पड़ रहा है। नए मेडिकल कॉलेज में पढ़ाई के नाम पर खानापूर्ति हो रही है। हॉस्टल भले ही बन गया हो, लेकिन वहां बिजली और पानी जैसी बुनियादी सुविधाएं तक उपलब्ध नहीं हैं। अस्पताल में भी संसाधनों और स्टाफ की, भारी कमी है। पूर्व संसदीय सचिव ने सवाल उठाया कि, जब कांग्रेस सरकार ने सीमित संसाधनों के बावजूद एक नए मेडिकल कॉलेज को खड़ा कर 125 सीटों की मंजूरी दिला दी थी, तो फिर डबल इंजन की, सरकार चारों तरफ विकास की बात करने के बाद भी एक कॉलेज को सुचारू रूप से क्यों नहीं चला पा रही है। उन्होंने कहा कि, भाजपा सरकार को नई उपलब्धियां गिनाने से पहले मौजूदा संस्थानों को बचाना चाहिए। बार-बार चेतावनी मिलने के बाद भी अगर फैकल्टी की, भर्ती नहीं हो रही, इंफ्रास्ट्रक्चर पूरा नहीं हो रहा, तो यह साबित करता है कि, सरकार की, प्राथमिकता में जनता का स्वास्थ्य और छात्रों का भविष्य कहीं नहीं है।
श्री चंद्राकर ने कहा कि, भूपेश बघेल के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार ने हमेशा शिक्षा और स्वास्थ्य को सर्वोच्च प्राथमिकता दी। उसी सोच का परिणाम था कि, महासमुंद जैसे क्षेत्र में भी मेडिकल कॉलेज की, नींव रखी गई। आज जरूरत है उस विजन को आगे बढ़ाने की, न कि, उसका श्रेय लेकर उसे बर्बाद करने की। उन्होंने मांग की, है कि, साय सरकार तत्काल फैकल्टी की, भर्ती करे, हॉस्टल और अस्पताल की, कमियों को 45 दिन के भीतर दूर करे। जनता अब केवल प्रचार नहीं, जमीनी स्तर पर काम देखना चाहती है।

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