महासमुंद के शासकीय महाप्रभु वल्लभाचार्य स्नातकोत्तर महाविद्यालय में सीड बॉल वितरण कार्यक्रम, हरित आवरण और जैव विविधता संवर्धन की एक अनूठी पहल

महासमुंद। शासकीय महाप्रभु वल्लभाचार्य स्नातकोत्तर महाविद्यालय के वनस्पति शास्त्र विभाग द्वारा पर्यावरण संरक्षण, जैव विविधता संवर्धन और प्राकृतिक वनस्पतियों के पुनर्स्थापन के उद्देश्य से ‘सीड बॉल (Seed Ball) वितरण कार्यक्रम’ का सफल आयोजन किया गया। प्राचार्य प्रोफेसर करुणा दुबे की, गरिमामयी उपस्थिति एवं वनस्पति शास्त्र विभागाध्यक्ष डॉ. ई.पी. चेलक के मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों के माध्यम से हरित आवरण का विस्तार करना रहा।
कार्यक्रम के मुख्य बिंदु:
वैज्ञानिक तकनीक और उपयोगिता: डॉ. ई.पी. चेलक ने बताया कि, उपजाऊ मिट्टी, चिकनी मिट्टी और वर्मी कम्पोस्ट के मिश्रण से बीजों को ढका जाता है, जिससे सीड बॉल तैयार होती है। वर्षा ऋतु में बंजर भूमि, खेत की, मेड़ या खाली जगहों पर फेंकने या हल्के दबाने मात्र से अनुकूल स्थिति पाकर बीज अंकुरित हो जाते हैं। यह विधि बहुत कम लागत वाली और प्राकृतिक पुनर्जनन में अत्यधिक प्रभावी है।
देशज एवं उपयोगी प्रजातियां: छात्रों को नीम, करंज, जामुन, सीताफल, इमली, अमरूद, बहेड़ा, अर्जुन और तेंदू जैसी स्थानीय पारिस्थितिकी के अनुकूल प्रजातियों की, वैज्ञानिक ढंग से तैयार सीड बॉल्स बांटी गईं।
जन-जागरूकता एवं सामूहिक भागीदारी: विद्यार्थियों को मानसून के दौरान अपने गांवों, सड़कों के किनारे और बंजर भूमि में इन सीड बॉल्स को रोपित करने के लिए प्रेरित किया गया। यह पहल “बीज से पौधा, पौधे से वन और वन से समृद्ध जैव विविधता” की, अवधारणा को साकार करने की, दिशा में एक अहम कदम है। कार्यक्रम में महाविद्यालय के विभिन्न विभागों के अध्यक्ष, प्राध्यापकगण—डॉ. मालती तिवारी, दिलीप कुमार बढ़ाई, अजय कुमार देवांगन, प्रो. प्रदीप कन्हैर, सरस्वती सेठ, प्रियंका सोनवानी, राजेश्वरी सोनी—सहित विज्ञान संकाय के अधिकारी, कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।



