हर घर जल योजना से सेवैयाकला में हर घर पहुंच रहा जल, श्रम और समय की बचत से बच्चों का देखभाल और घर का काम हुआ आसान – देविका साहू

महासमुंद। कभी सुबह की, शुरुआत पानी की, तलाश से होती थी। गांव की, महिलाएं सिर पर घड़े रखकर दूर-दूर तक पानी लाने जाती थीं। गर्मी के दिनों में यह परेशानी और भी बढ़ जाती थी। लेकिन आज विकासखंड पिथौरा के ग्राम पंचायत टेका अंतर्गत ग्राम सेवैयाकला में अब गांव के हर घर में नल से स्वच्छ पेयजल पहुंच रहा है और पानी की, चिंता अतीत की, बात बन गई है।
केन्द्र सरकार एवं छत्तीसगढ़ शासन की, महत्वाकांक्षी जल जीवन मिशन हर घर जल योजना के तहत 25 जून 2026 को सेवैयाकला ने हर घर जल का लक्ष्य हासिल कर लिया। गांव के सभी परिवारों को नियमित रूप से नल के माध्यम से सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराया जा रहा है। ग्राम पंचायत की, सरपंच कमली बसंत और सचिव हेमलता साहू के नेतृत्व में योजना का प्रभावी क्रियान्वयन किया गया। योजना के अंतर्गत लगभग 81.52 लाख रुपए की, लागत से गांव में जल प्रदाय व्यवस्था विकसित की गई। इसके तहत 40 किलोलीटर क्षमता की, ऊंची पानी टंकी का निर्माण किया गया तथा 3,825 मीटर लंबी पाइपलाइन बिछाकर 185 घरों तक नल कनेक्शन दिए गए। गांव के प्राथमिक विद्यालय और आंगनबाड़ी केंद्र को भी इस सुविधा से जोड़ा गया, जिससे बच्चों को भी स्वच्छ पेयजल सहजता से उपलब्ध हो रहा है।
जलापूर्ति व्यवस्था को लंबे समय तक सुचारू बनाए रखने के लिए गांव में ग्राम जल एवं स्वच्छता समिति का गठन किया गया है। समिति का बैंक खाता संचालित है और रखरखाव के लिए प्रत्येक परिवार से 60 रुपये प्रतिमाह जलकर लिया जा रहा है। इससे भविष्य में भी जलापूर्ति व्यवस्था निर्बाध रूप से चलती रहेगी। जलापूर्ति की, जिम्मेदारी मिथिलेश बसंत को पंप ऑपरेटर के रूप में सौंपी गई है। वे प्रतिदिन सुबह और शाम निर्धारित समय पर जलापूर्ति सुनिश्चित करते हैं, जिससे प्रत्येक घर तक नियमित पानी पहुंच रहा है।
गांव की, निवासी देविका साहू बताती हैं कि, पहले पानी लाने के लिए काफी दूर जाना पड़ता था। गर्मी में कई बार घंटों इंतजार करना पड़ता था। अब घर के नल से स्वच्छ पानी मिल रहा है। समय की, बचत होती है, बच्चों की, देखभाल और घर के अन्य काम आसानी से हो जाते हैं। सबसे बड़ी बात यह है कि, परिवार को साफ पानी मिलने से स्वास्थ्य भी बेहतर हुआ है।



